लखनऊ, जेएनएन।

आलमबाग के वीआइपी रोड स्थित कैलाशपुरी तिराहे का नाम सिख समाज के पहले गुरु नानक देव के नाम हो गया। महापौर संयुक्ता भाटिया ने गुरुवार को इसका शिलान्यास किया। नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में सिख समाज ने इसके लिए महापौर का सम्मान किया। आलमबाग गुरुद्वारे के कार्यवाहक अध्यक्ष निर्मल सिंह ने बताया 550वें शताब्दी वर्ष समारोह में महापौर ने नामकरण करके सिख समाज को सम्मान देने का काम किया है। प्रवक्ता हरजीत सिंह ने बताया कि शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान विशेष दीवान सजाया गया। पंजाब व दिल्ली से आए रागी जत्थे ने शबद-कीर्तन पेश कर संगतों को निहाल किया। समारोह में जल शक्ति मंत्री बलदेव सिंह ओलख, महापौर संयुक्ता भाटिया, विधायक सुरेश चंद्र तिवारी, पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष इकबाल सिंह, सिधी अकादमी के उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी व सतबीर सिंह राजू सहित समाज के लोग शामिल हुए। अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य परविदर सिंह व त्रिलोचन सिंह के अलावा समाज के जोगिदर सिंह, सतपाल सिंह गोल्डी, त्रिलोक सिंह, राजेंद्र सिंह राजू, हरमिदर सिंह, इंदरपाल सिंह, परमजीत सिंह, मनमोहन सिंह व आशू वीर समेत समाज के लोगों ने नामकरण के लिए महापौर को धन्यवाद दिया।

लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जताया आभार

गुरु नानक देव के नाम से तिराहे का नामकरण करने के लिए लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने महापौर का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने समाज को दिशा देकर अन्याय के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है। उनकी शहादत और प्रकाश के पर्व पर महापौर का बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना यह साबित करता है कि सिख समाज के प्रति उनकी सोच कैसी है। गुरुद्वारा सदर के अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी, गुरुद्वारा मानसरोवर कानपुर रोड के अध्यक्ष संपूर्ण सिंह बग्गा व आशियाना के चेयमैन जेएस चड्ढा और यहियागंज के सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी व पटेलनगर के राजिदर सिंह सहित समाज के लोगों ने आभार जताया है।

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