लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया आज एक दिन के लखनऊ दौरे पर आएंगे। आज वह लखनऊ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 35 सीट पर पार्टी के प्रत्याशियों के हार की समीक्षा करेंगे। इससे पहले 12 जून को प्रियंका गांधी वाड्रा ने रायबरेली में 40 जिलों के प्रत्याशियों के साथ जिलाध्यक्षों के साथ बैठक में हार के कारणों की समीक्षा की थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रत्याशियों की हार के कारणों की समीक्षा करेंगे। उनके साथ प्रत्याशियों के साथ ही 35 जिलों के अध्यक्ष तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी भी रहेंगे। समीक्षा की दौर शाम 6:20 तक चलेगा। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंधित लोकसभावार पार्टी प्रत्याशियों, जिला/शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, मौजूदा और पूर्व विधायकों के साथ सांसदों के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ हार की समीक्षा करेंगे। सिंधिया रात को ही दिल्ली वापस होंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा 2019 चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया था। उत्तर प्रदेश में इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और पार्टी केवल एक ही सीट पाई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही अमेठी से हार गए। कांग्रेस को 80 में से सिर्फ एक जीत मिली। रायबरेली में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की नाक बचा ली। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के साथ ज्योतिरादित्य का भी कोई जलवा दिखाई नहीं दिया। सिंधिया जब पार्टी पदाधिकारियों और अन्य नेताओं से बैठक करेंगे तो उनके सामने चुनौती यही होगी कि कांग्रेस को फिर से कैसे प्रदेश में खड़ा किया जाए।

रायबरेली में प्रियंका गांधी के साथ बैठक में बाहरियों को टिकट देना, संगठन का कमजोर ढांचा और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बुरा बर्ताव हार का कारण माना गया। ज्यादातर नेताओं का कहना था कि सपा-बसपा गठबंधन बनने के बाद जनता ने कांग्रेस को विकल्प के तौर पर देखना छोड़ दिया। कांग्रेस उम्मीदवार यह भरोसा दिलाने में नाकामयाब रहे कि वह जीतने के लिए मैदान में हैं।  

प्रियंका गांधी ने कोआर्डिनेटरों को नई दिल्ली तलब किया

कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने लोकसभा कोआर्डिनेटरों को 15 और 16 जून को नई दिल्ली बुलाया है। रायबरेली में लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों, जिला-शहर अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मैराथन बैठकों के बाद अब कोआर्डिनेटरों के साथ प्रियंका विस्तृत समीक्षा करेंगी। इसी के बाद प्रदेश में पार्टी संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। वह चार-चार मण्डलों के कोआर्डिनेटरों के साथ नई दिल्ली में बैठक करेंगी। कोआर्डिनेटर उनको जिलों में संगठन की हकीकत भी बतायेंगे।

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Posted By: Dharmendra Pandey

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