लखनऊ, जेएनएन। फोन कॉल और स्कीमर के जरिये ठगी का सिलसिला जारी है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सजग व सतर्क रहने की दरकार है। जरूरत के हिसाब से ही फोन में एप डाउनलोड करें। मोबाइल फोन में एंटी वायरस सॉफ्टवेयर रखें। अगर इंटरनेट का काम न हो तो उसे बंद कर दिया करें। कोई भी बैंक फोन पर आपके खाते की जानकारी नहीं मांगता है। मौका था, दैनिक जागरण कार्यालय में बुधवार को प्रश्न पहर कार्यक्रम का। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार ने लोगों के सवालों का खुलकर जवाब दिया। 

सवाल-एक साथी के साथ मिलकर बैंक से लोन कराया था। बैंक की गलती से लोन के 12 लाख रुपये मेरे अकेले के खाते में आ गए। क्या मुझे इनकम टैक्स का नोटिस आएगा?

-मनीष, हरदोई

जवाब-ऐसा नहीं है। यह बैंक की गलती है। बैंक इसे दुरुस्त करेगा। आपको कोई नोटिस नहीं आएगा। बैंक की ओर से ही इनकम टैक्स को जानकारी भेजी जाती है।

सवाल-पिहानी में इलाहाबाद बैंक की शाखा है। खाते को मोबाइल से जोडऩे के लिए लंबे समय से भागदौड़ कर रहा हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किससे शिकायत करूं?

-सोनू, हरदोई

जवाब-हर बैंक में शिकायत बुक होती है। आप अपनी शिकायत उसमें दर्ज कराएं। इसकी एक प्रति अपने पास भी रखें। अगर तब भी आपकी सुनवाई नहीं हो रही है तो बैंकिंग ओम्बट्समेन में जाकर अपनी समस्या बताएं।

सवाल-केसीसी बनवाया था। बैंक को रुपये अदा भी कर दिए। अब तहसीलदार की ओर से 28 लाख रुपये बकाया बताकर परेशान किया जा रहा है। बैंक के पास सारे कागजात भी हैं। क्या करें?

-सतेंद्र दुबे, गोंडा 

जवाब-बैंक को सारे कागजात दिखाकर रुपये जमा करने की रसीद संबंधित अधिकारी को दिखाएं। अगर तब भी आपकी बात नहीं सुनी जा रही है तो जिले के एसपी अथवा डीएम से मिलकर शिकायत करें।

सवाल-तीन चार बार से ठगों के फोन आ रहे हैं। क्या करें? इस संबंध में कहां शिकायत की जाए।

-प्रदीप कुमार, काकोरी, लखनऊ

जवाब-ऐसी कॉल पर प्रतिक्रिया न दें। ठग आपको झांसे में लेकर खाते में सेंध लगा सकते हैं। संभव हो तो मोबाइल नंबर चेंज करा दीजिए। सतर्कता से ही बचा जा सकता है। 

सवाल-बैंक फ्रॉड हो जाए तो क्या किया जाए? बैंक शाखाओं की ई-मेल आइडी कैसे मिलेगी?

-विनोद राय, जॉपलिंग रोड, लखनऊ

जवाब-ठगी होने पर बैंकों के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर कार्ड ब्लॉक कराएं। आपके कार्ड पर बैंक शाखा का कोड अंकित होता है, जो उसकी ई-मेल आइडी से संबंधित होती है। 

सवाल-नेट बैंकिंग से रुपये स्थानांतरित कर रहा था। मेरे खाते से बिना ओटीपी के रुपये निकल गए। क्या करूं?

-विकास, लखीमपुर 

जवाब-इंटरनेट बैंकिंग से दूसरे को रुपये भेजते समय ओटीपी आता है। बिना ओटीपी के रुपये निकल जाएं तो समझ जाइए कि ठगी हुई है। संबंधित बैंक में शिकायत करें।

सवाल-फोन में कोई एप डाउनलोड करें तो क्या ठगी हो सकती है? इससे बचने के क्या तरीके हैं?

-पंकज गुप्ता, बाराबंकी 

जवाब-सुरक्षित वेबसाइट से ही कोई एप्लिकेशन डाउनलोड करें और आवश्यकता के हिसाब से ही इसे फोन में रखें। अंजान लिंक पर क्लिक न करें। संभव हो तो जब काम न हो तब इंटरनेट बंद रखें।

सवाल-15 दिन पहले एटीएम से रुपये निकालने गए थे। दो-तीन लोगों ने मदद का झांसा दिया। कुछ देर बाद 10 हजार रुपये निकल गए। भविष्य में कैसे बचें?

-जयवर्धन सिंह, रायबरेली 

जवाब-आपसे शोल्डर सर्फिंग के जरिए ठगी हुई है। एटीएम बूथ में हमेशा अकेले ही प्रवेश करें। संभव हो तो ऐसे ही एटीएम का इस्तेमाल करें, जो कार्ड लगाने के बाद ट्रांजेक्शन होने तक उसे होल्ड करके रखता है।

Posted By: Anurag Gupta

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