लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू में रैगिंग मामले की जांच शुरू हो गई है। पांच सदस्यीय जांच कमेटी के समक्ष पीड़ित व आरोपित छात्रों ने अपने बयान दर्ज कराए। छात्रों के माता-पिता को भी कमेटी द्वारा बुलाया गया था। सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की जमकर रैगिंग की वहीं बात न मानने पर धक्‍का मुक्‍की भी की। 

बात न मानने पर हुई धक्का-मुक्की

टीम सदस्यों ने बताया कि दोनों पक्षों को एक बार और बुलाया जाएगा। केजीएमयू में 12 मई को आधी रात 2016 बैच के13 छात्रों ने आठ जूनियर की जबर्दस्त रैगिंग ली थी। सीनियर द्वारा जूनियर को मुर्गा बनाया गया था। वहीं, मोबाइल पर गाना बजाकर डांस कराया गया। आधी रात तक सीनियरों ने जूनियर छात्रों की रैगिंग की। बात न मानने वाले छात्रों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। सहमे छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा से इसकी शिकायत की। 

आरोपितों को हॉस्टल से निकाला गया

प्रॉक्टर की पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर प्रकरण की जांच के आदेश दिए। वहीं, सभी आरोपी छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया गया। यही नहीं, परिसर में घुसने पर भी पाबंदी लगा दी गई। जांच कमेटी में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जीपी सिंह, फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप वर्मा, रेस्पेरेट्री विभाग के डॉ. आनंद श्रीवास्तव, क्वीनमेरी की डॉ. सुजाता देव और डेंटल के डॉ. नंदलाल को शामिल किया गया है।

आरोपितों का भी सुना जाएगा पक्ष

सोमवार को जांच कमेटी ने रैगिंग लेने वाले सभी आरोपित सीनियर छात्रों को उनके माता-पिता के साथ बुलाया था। सभी के बयान लिए गए। माता-पिता का पक्ष भी सुना गया। पीड़ित छात्रों ने भी माता-पिता के साथ पक्ष रखा। दूसरी तरफ , आरोपित छात्रों ने संयुक्त रूप से कमेटी को एक पत्र दिया है। इसमें रैगिंग में संलिप्त न होने का दावा किया गया है। कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि एक बार और आरोपितों को पेश होना पड़ेगा। उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

 

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Posted By: Divyansh Rastogi

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