जनगणना में छात्रों-प्रवासी मजदूरों और मेहमानों की भी होगी गिनती? असमंजस दूर करने के लिए नियम तय
जनगणना-2027 में व्यक्ति की गणना उसके निवास स्थान के आधार पर होगी, जिससे छात्रों, श्रमिकों और मेहमानों की गिनती को लेकर असमंजस दूर होगा।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
गणना अवधि में व्यक्ति जहां रहेगा, वहीं गिना जाएगा।
छात्र और श्रमिक अपने कार्य/अध्ययन स्थल पर गिने जाएंगे।
जनगणना में 40 सवाल पूछे जाएंगे, दस्तावेज नहीं लगेंगे।
विवेक राव, लखनऊ। आपका बेटा दूसरे शहर में पढ़ाई कर रहा है, बेटी विदेश में रहती है या परिवार का कोई सदस्य दूसरे प्रदेश में नौकरी करता है तो जनगणना-2027 में उसकी गिनती कहां होगी?
ऐसे सवालों को लेकर असमंजस दूर करने के लिए जनगणना के नियमों में अलग-अलग परिस्थितियों को स्पष्ट किया गया है। गणना अवधि के दौरान व्यक्ति कहां रह रहा है, इसी आधार पर उसकी गणना का स्थान तय होगा।
दूसरे शहर में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी और कार्यस्थल पर रहने वाले श्रमिक की गिनती वहीं होगी, जबकि परिवार के साथ घर पर रहने वालों को उसी परिवार में शामिल किया जाएगा। प्रदेश में 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना होगी। इसके बाद एक दिसंबर से पांच जनवरी तक गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर जनगणना करेंगे। इस चरण में लोगों से 40 सवाल पूछे जाएंगे।
इसके लिए किसी दस्तावेज को देने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि पूछे गए सवालों के जवाब देने होंगे। दूसरे शहर में पढ़ने वाला बेटा यदि पूरी गणना अवधि में वहीं रहता है तो उसकी गिनती पढ़ाई के स्थान पर होगी। विदेश में पढ़ने वाला विद्यार्थी यदि पूरी अवधि विदेश में ही रहता है तो उसकी गणना भारत में नहीं होगी।
वहीं, परिवार के साथ रहने वाले विद्यार्थी की गिनती घर पर होगी। दूसरे प्रदेश में नौकरी करने वाला श्रमिक कार्यस्थल पर पूरी अवधि रहने पर वहीं गिना जाएगा। गांव लौटकर परिवार के साथ रहने पर उसकी गणना गांव में होगी।
इसी तरह, रिश्तेदार या मेहमान की गिनती उस परिवार में होगी, जिसके साथ वह पूरी गणना अवधि में रह रहा है। नियोक्ता के साथ रहने वाले घरेलू सेवक या सेविका को भी उसी परिवार में गिना जाएगा।
काम, इलाज, तीर्थयात्रा या छुट्टी पर गए व्यक्ति की गणना उसके वास्तविक निवास के आधार पर होगी। गणना अवधि शुरू होने से पहले जा चुके या अवधि समाप्त होने के बाद आने वाले व्यक्ति को उस अवधि के दौरान संबंधित परिवार में रहने वाला नहीं माना जाएगा।
नाम, पढ़ाई, रोजगार और आधार तक के सवाल
जनगणना में नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, पति-पत्नी, माता-पिता, राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, मातृभाषा, निश्शक्तता, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शिक्षा से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
रोजगार, काम की तलाश, कार्यस्थल तक जाने के साधन, जन्मस्थान, पिछला निवास, घर बदलने का कारण, स्थायी पता और बच्चों की संख्या की जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा कोविड टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की संख्या और मोबाइल, आधार, वोटर आइडी, पासपोर्ट व ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता पूछी जाएगी।
