लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के ज्यादातार इलाकों में बुधवार को दिन भर बदली और धूप के बीच जोर आजमाइश चलती रही। इसके चलते बढ़ते तापमान और उमस से लोग बेहाल हो उठे। राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में तापमान 33-34 डिग्री तक पहुंच गया। सीएसए के मौसम वैज्ञानिकों बताया कि 14 सितंबर तक बारिश से अधिकतम तापमान में गिरावट हो सकती है। 

बुंदेलखंड व मध्य उत्तर प्रदेश में उमस

जानकारी के मुताबिक बुंदेलखंड व मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में बुधवार को धूप निकलने से लोग उमस से जूझते रहे। कानपुर में धूप की वजह से बुधवार को अधिकतम तापमान मंगलवार की अपेक्षा तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। दोपहर में बदली छाई और हवा भी चली पर बारिश न होने से उमस मुश्किल किए रही। सीएसए के मौसम विभाग में बुधवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि हमीरपुर में सुबह बारिश हुई लेकिन इसके बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई। महोबा में बीमारी से एक युवक की मौत हो गई। 

गंगा का जलस्तर कम हुआ

गंगा में जलस्तर कम होने के बाद बाढ़ प्रभावितों गांवों में संक्रामक बीमारियों को खौफ है। उन्नाव में गंगा का जलस्तर 23 सेमी घटकर 112.540 मीटर पर पहुंच गया। बाढ़ का पानी उतरने के साथ लोग अपने पशु और परिवार के साथ गांव लौट रहे हैं। लेकिन, जगह-जगह रुके हुए पानी से बीमारियां पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। ठहरे पानी में मच्छर पनपने से मलेरिया, डेगू का खतरा रहेगा तो पशुओं में मुंहपका, खुरपका और गलाघोंटू जैसी बीमारियां फैलेंगी। इसे देखते हुए प्रशासन बाढग़्रस्त क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को दवाइयों का वितरण करने की तैयारी कर रहा है। फतेहपुर में गंगा और यमुना के जलस्तर में गिरावट आने के बाद बाढ़ पीडि़तों ने राहत की सांस ली है। फर्रुखाबाद में भी गंगा व रामगंगा के जलस्तर में कमी आई है। 

Posted By: Nawal Mishra