गोंडा, जेएनएन। नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। ऐलीपरसौली में भिखारीपुर-सकरौरा तटबंध टूटने के बाद गांव को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए बनाए गए हैं रिंग बांध को मजबूत करने के लिए सिंचाई विभाग ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। 

वहीं, भगवानदीन  के घर के सामने कटान शुरू हो जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। हालांकि बाढ़ का पानी रिंग बांध तक पहुंचने लगा। कटान के भय से सहमे विशुन पुरवा के लोगों का पलायन जारी है। सिंचाई विभाग के अधिकारी रिंग बांध के सुरक्षित और मजबूत होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अब तक इनके दावे खोखले साबित होते रहे हैं। दूसरी तरफ जल स्तर बढ़ने से ऐलीपरसौली के लकड़हन पुरवा, अछैबर पुरवा ,बाबू राम पुरवा, दक्षिणी माझा सहित आधा दर्जन मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। यहां एक बार फिर से पानी घरों में घुसने लगा है। 

प्रशासन की तरफ से आठ नावें लगाई गई हैं। उधर, तहसील प्रशासन के अधिकारी बिशुनपुरवा में लगातार कैंप कर रहे हैं। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि बांध और बाढ़ दोनों पर सक्रिय नजर रखी जा रही है। सभी पीड़ितों को सहायता मुहैया कराने के साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना हमारी प्राथमिकता में है।

बाढ़ कार्य खंड गोंडा सहायक अभियंता प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक, भगवानदीन यादव के घर के सामने कटान शुरू हुई थी डैमेज कंट्रोल कर लिया गया है। रिंग बांध पूरी तरह से मजबूत और सुरक्षित है।

 

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