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बाबू सिंह कुशवाहा की बेनामी संपत्तियों पर आयकर की नजर

सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्यमिता विकास संस्थान के निदेशक की गाड़ी से आयकर विभाग ने चेकिंग के दाैरान लाखों रुपये बरामद किए थे। इसके बाद गाजियाबाद व दिल्ली में की गई छापेमारी में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये बरामद हुए थे।

By Alok MishraEdited By: Mohammed AmmarPublished: Sat, 25 Mar 2023 08:42 PM (IST)Updated: Sat, 25 Mar 2023 08:42 PM (IST)
बाबू सिंह कुशवाहा की बेनामी संपत्तियों पर आयकर की नजर

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : आयकर विभाग जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा की बेनामी संपत्तियों की भी छानबीन कर रहा है। लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में जिन देशराज कुशवाहा की जमीन जब्त की गई है, उनकी भी कई और संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में सामने आया है कि सरोजनीनगर स्थित जमीन विंध्या शक्ति सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम थी, जिसे देशराज को बेचा गया था। इस सौदे में केवल स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया गया था।

लखनऊ के गोमतीनगर के पते पर रजिस्टर्ड विंध्या शक्ति कंपनी के निदेशक नत्थू राम कुशवाहा व गया प्रसाद कुशवाहा हैं। यह दोनों भी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी बताए जा रहे हैं। कंपनी वर्ष 2004 में बनाई गई थी और गैर सरकारी कंपनी के रूप में उसका पंजीकरण रजिस्ट्रार आफ कंपनीज, कानपुर में कराया गया था। जांच में यह भी पता चला कि इस कंपनी की अंतिम वार्षिक बैठक नवंबर, 2021 में हुई थी।

सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्यमिता विकास संस्थान के निदेशक की गाड़ी से आयकर विभाग ने चेकिंग के दाैरान लाखों रुपये बरामद किए थे। इसके बाद गाजियाबाद व दिल्ली में की गई छापेमारी में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये बरामद हुए थे। इसी मामले की जांच में विंध्या शक्ति कंपनी व कानपुर में तैनात एक उपायुक्त उद्योग की भूमिका भी सामने आई थी। जिसके बाद जांच के कदम आगे बढ़े थे। इसी कड़ी में आयकर विभाग बाबू सिंह कुशवाहा के कई करीबियों की लखनऊ व कानपुर स्थित बेनामी संपत्तियों की छानबीन कर रहा है।


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