लखनऊ [कुमार संजय]। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) कोरोना संक्रमण से बचाव में रक्षा कवच बन सकता है। इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के सहयोग से हुए शोध के अनुसार यह तथ्य सामने आए हैं। शोध 17 राज्यों के 44 अस्पतालों में काम करने वाले 12 हजार से अधिक हेल्थ केयर कर्मचारियों पर किया गया। इस दवा के प्रयोग से 72 फीसद तक कोरोना संक्रमण की कमी पाई गई। यह आंकड़ा कोरोना की तीसरी लहर से पहले राहत देने वाला है। 

हालांकि, डब्ल्यूएचओ (विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन) एचसीक्यू को ज्यादा कारगर नहीं मान रहा है, उसे नतीजों का इंतजार है। इसके पहले भारतीय वैज्ञानिकों का यह शोध कोरोना मरीजों को राहत प्रदान करने वाला है। जर्नल आफ एसोसिएशन आफ इंडिया के हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) फार सार्स कोव 2 प्रोफाइलेक्सिस इन हेल्थ केयर वर्कर-ए मल्टी सेंट्रिक स्टडी एसेस्सिंग इफेक्टिवनेस एंड सेफ्टी शोध रिपोर्ट के मुताबिक यह अब तक की सबसे बड़ी स्टडी है, जिसे 12 हजार से अधिक लोगों पर किया गया है। इनमें छह हजार से अधिक महिलाओं और पांच हजार से अधिक पुरुषों को हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन दी गई थी। 

इस तरह हुआ शोध

  • तीन वर्ग में बांटकर अलग-अलग तरीके से दी गई एचसीक्यू
  • दो-तीन सप्ताह 800 मिलीग्राम पहले दिन 400 मिलीग्राम साप्ताहिक लगातार दो-तीन सप्ताह तक
  • चार-पांच सप्ताह 800 मिलीग्राम पहले दिन 400 मिलीग्राम साप्ताहिक चार-पांच सप्ताह लगातार
  •  छह सप्ताह - 800 मिलीग्राम पहले दिन 400 मिलीग्राम साप्ताहिक छह या अधिक सप्ताह लगातार
  • निष्कर्ष : मरीजों में 72 फीसदी तक आई संक्रमण के प्रभाव में कमी

एचसीक्यू लेने वालों की कुल संख्या - 12, 082

पुरुष                   5731

महिला                6351

कुल अस्पताल      44

राज्य                  17

Edited By: Mahendra Pandey