लखनऊ, जेएनएन। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी व बारिश का असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। राजधानी समेत आसपास के सटे जिलों में बादलों के साथ बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हुई। तड़के पांच बजे से हुई बारिश के साथ ठंड ने भी पांव पसार दिए। उधर, मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से राहत मिलने की उम्मीद है। एक तरफ जहां गोंडा, बलरामपुर, लखीमपुर में तेज बरसात से ठंड बढ़ी। उधर, हरदोई में बारिश से बढ़ी ठंड के चलते विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया। 

बीते गुरुवार को अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य के मुकाबले दो डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वायुमंडल में आद्र्रता 88 फीसद रही। सुबह से ही राजधानी में बादलों के साथ सूर्य की लुकाछिपी जारी थी। लेकिन दोपहर होते-होते सूर्य बादलों की ओट में पूरी तरह छुप गया। इसके चलते अभी तक गुनगुनी धूप का लुत्फ उठा रहे लोगों को गुरुवार को घरों में कैद रहना पड़ा। बीते 24 घंटों में तापमान दो डिग्री नीचे खिसक गया। शाम होते-होते कई जगह बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हुई। 

 

मौसम के बदले मिजाज से जले अलाव 

मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए लोगों ने ठंड से बचाव के इंतजाम शुरू कर दिए। किसी ने अलाव का सहारा लिया तो किसी ने हीटर का। वहीं, गर्म कपड़ों की दुकानों पर भी भीड़ अपेक्षाकृत अधिक दिखाई पड़ी। शाम होते ही सड़कों पर भी सन्नाटा दिखा।

 

गेहूं की फसल के लिए संजीवनी

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस समय बरसात गेहूं की फसल के लिए किसी संजीवनी से कम नही है। क्योंकि ठंड के साथ-साथ बरसात गेहूं की फसल में नाइट्रोजन की कमी को पूरा करेगी। इससे कम खाद की जरूरत पड़ेगी। यदि ओलावृष्टि हुई तो ना केवल गेहूं बल्कि सरसों व अन्य सब्जियों की फसलों को नुकसान होगा।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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