लखनऊ, जेएनएन। सर्दी बढऩे के साथ ही एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा के मरीजों की संख्या बढऩे की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया है। सीएमओ व सीएमएस को बीमारी के प्रति सतर्कता बरतने के साथ ही इन्फ्लुएंजा मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तर आरक्षित रखने और जांच, दवा व अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएमओ को एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा के कारणों, रोकथाम व उपचार की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। इसमें इन्फ्लुएंजा की स्थिति में क्या करें और क्या न करें के बिंदु भी शामिल करने को कहा गया है। प्रदेश में नौ जनवरी तक एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा के कुल 17 मरीज मिले हैैं, जिसमें से रायबरेली निवासी मरीज अशोक सिंह (46 वर्ष) की मौत नौ जनवरी को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस वायरस से बचाव के लिए एडवायजरी भी जारी की है।

तेजी से होता संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग ने एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा को वर्तमान में सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में रखा है। इसका वायरस संक्रमित व्यक्ति की खांसी व छींक के जरिए, उससे हाथ मिलाने या उसके द्वारा छुए गए पदार्थ को छूने से चपेट में ले सकता है और एक से चार दिन में असर दिखाने लगता है। सही उपचार न मिलने पर यह रोग जानलेवा भी हो सकता है।

ऐसे पहचानें रोग

बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द , बदन दर्द, ठंड लगना व आंखों में लालिमा आना इस रोग के मुख्य लक्षण हैैं।

बचाव के तरीके

खांसते व छींकते समय मुंह पर रुमाल या कपड़ा रखें, बात करते समय उचित दूरी बनाए रखें, कम लोगों से हाथ मिलाएं व भोजन से पहले हाथ जरूर धोएं और अधिक भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें।

यहां होगी जांच

पीजीआइ, केजीएमयू व राजकीय ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के साथ एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा की जांच कानपुर, आगरा, मेरठ व गोरखपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में भी होगी। 

Posted By: Nawal Mishra

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