लखनऊ, [दुर्गा शर्मा]। उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हर घर तिरंगा समेत कई कार्यक्रमों में लोगों को जोश देखते ही बन रहा। इसी कड़ी में 16 अगस्त को लखनऊ के जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के पास केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर के नेतृत्व में मुस्लिम समाज की 75 महिलाओं ने हाथों में तिरंगा थाम कर हिंदुस्तान जिंदाबाद, भारत माता की जय नारे लगाते हुए रिकार्ड 75 मिनट तक तिरंगा लहराया। हाथों में तिरंगा लिए सभी मुस्लिम महिलाओं ने अपने हिंदुस्तानी होने पर गर्व जताया।

मुस्लिम समाज की महिलाओं ने कहा कि उन्हें तिरंगे पर उतना ही नाज है, जितना मुल्क के अन्य लोग राष्ट्र ध्वज के प्रति सम्मान रखते हैं। मुस्लिम महिलाओं ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान को सपोर्ट करते हुए उन सभी ने अपने-अपने घरों में तिरंगा भी लगाया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल क‍िशोर ने कहा कि तिरंगा हमारी अखंडता का प्रतीक है, पहले हम हिंदुस्तानी हैं, बाद में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई। कौशल किशोर ने कहा कि हमें आजादी दिलाने में वीर क्रांतिकारियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आजादी के स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू, मुस्लिम, सिख सभी धर्म और समाज के हिंदुस्तानी क्रांतिकारियों ने एक साथ मिलकर अंग्रेजों का मुकाबला किया और देश को आजाद कराया।

देश को अंग्रेजी सत्ता से आजादी दिलाने के लिए पुरुष से लेकर महिला तक सभी ने अपना अप्रतिम योगदान दिया। कौशल क‍िशोर ने आगे कहा कि लखनऊ में ऊदा देवी पासी और बेगम हजरत महल जैसी महान वीरांगनाओं ने आजादी की लड़ाई में अपनी बहादुरी से अंग्रेजी हुकूमत को शिकस्त दी।

कौशल किशोर ने बेगम हजरत महल का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में बेगम हजरत महल ने अपनी सेना और समर्थकों के साथ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह छेड़ा था। इस विद्रोह में साहसी बेगम हजरत महल ने अवध प्रांत के गोंडा, फैजाबाद, सलोन, सुलतानपुर, सीतापुर, बहराइच आदि क्षेत्रों को अंग्रेजों से मुक्त करा कर लखनऊ पर फिर से अपना कब्जा जमा लिया था।

Edited By: Anurag Gupta