लखनऊ [दुर्गा शर्मा]। Happy Mothers Day: कोरोना को हराकर 24 वर्षीय नीतू यादव की कोख से जब किलकारी गूंजी तो उनकी आंखें नम हो गईं। नीतू ने अपने बगल में सुकून से लेटी नन्हीं परी को देखा और हाथ जोड़कर धरती के भगवान का आभार जताया। अपनी पहली संतान को देखकर पिता अवनीश भी भावुक हो गए और पत्नी से बोले- हमने कहा था ना, सब अच्छा होगा। मदर्स डे से पहले नीतू को मातृत्व सुख का अहसास हुआ। इस सुख ने नीतू और अवनीश के कोरोना जन्य साझा संघर्ष की पीड़ा को हर लिया। झलकारी बाई अस्पताल की डा कल्पना चंदेल ने ऑपरेशन किया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों अस्पताल में एकदम स्वस्थ हैं। 

डेढ़ साल पहले अर्जुनगंज निवासी सरकारी शिक्षक अवनीश और नीतू का विवाह हुआ था। घर पर पहली संतान के आने की खुशियां छाई थीं। झलकारी बाई अस्पताल में 28 अप्रैल को डिलीवरी की डेट प्रस्तावित थी। इससे करीब 15-20 दिन पहले नीतू को खांसी हुई, घर पर ही रहकर उपचार किया। डिलीवरी डेट पर अस्पताल गए और वहां प्रसव पूर्व जांचों के तौर पर कोरोना टेस्ट भी हुआ। अगले दिन नीतू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों की खुशियों को कोरोना का ग्रहण लग गया। झलकारी बाई अस्पताल की ओर से कहा गया कि ये नॉन कोविड अस्पताल है, मरीज को लोकबंधु रेफर कर रहे। 

नीतू करीब एक सप्ताह तक लोकबंधु अस्पताल में भर्ती रहीं। इस दौरान परिवार से मिलना भी बिल्कुल बंद था। अस्पताल में ही उनकी देखभाल की गई। डिलीवरी में देरी से नीतू की चिंता बढ़ती जा रही थी। नीतू के अनुसार, मुझे बार-बार ख्याल आता कि शायद मैं अपनी औलाद का चेहरा तक नहीं देख सकूं। डर सताता कि कहीं मेरी वजह से मेरी संतान भी संक्रमण की चपेट में ना आ जाए। इस दौरान डॉक्टरों का विशेष सहयोग मिला और मैं अपने साथ अपने गर्भस्थ शिशु का भी बेहतर ख्याल रख सकी। कुछ दिन बाद दोबारा कोरोना की जांच की गई और टेस्ट निगेटिव आया। पति अवनीश ने बताया कि लोकबंधु अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही दोबारा झलकारी बाई अस्पताल की डॉक्टर से बात की। उन्होंने मरीज को बुला लिया और दोबारा जांचें की गईं। अंततः पत्नी का सुरक्षित ऑपरेशन हो सका।

पत्नी थीं भर्ती और पति ने की मतगणना ड्यूटी: नीतू जब लोकबंधु अस्पताल में भर्ती थीं, उस दौरान पति अवनीश की पंचायत चुनाव मतगणना ड्यूटी भी लगी। वह पत्नी को डॉक्टरों के भरोसे छोड़कर मतगणना ड्यूटी के लिए गए। नीतू और अवनीश के अनुसार हमारा यह संघर्ष डाॅक्टरों के सहयोग के बिना सफल नहीं हो पाता। 

झलकारी बाई अस्पताल की डा कल्पना चंदेल के मुताबिक, प्रसूता शुरू से ही अस्पताल में जांच के लिए आ रही थी। प्रस्तावित डिलीवरी डेट भी निकल चुकी थी। ऐसे में जैसे ही उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई, तुरंत ऑपरेशन प्लान कर लिया गया। मां और बच्ची एकदम स्वस्थ और सुरक्षित हैं। गर्भवती कोविड का तनाव न लें, पर सावधान जरूर रहें। अपने डाक्टर से संपर्क में बनी रहें।