लखनऊ, [राज्य ब्यूरो]। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए सरकार के सामने संसाधन जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में संस्थाएं भी मदद के लिए आगे आ रही हैं। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने कारपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से लखनऊ में अस्थायी कोविड अस्पताल बनाने का प्रस्ताव दिया है तो डीआरडीओ के सहयोग से दस नए आक्सीजन प्लांट प्रदेश में स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह प्राथमिकता पर यह काम करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को वर्चुअल बैठक कर कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आक्सीजन की आपूर्ति को और बेहतर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर दस नए आक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस काम में डीआरडीओ का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन आक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए तुरंत स्थल चिन्हित कर युद्ध स्तर पर काम किया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इसकी निरंतर निगरानी करेंगे। इसी तरह एचएएल द्वारा सीएसआर फंड से लखनऊ में एक डेडिकेटेड कोविड अस्पताल की स्थापना प्रस्तावित की गई है। योगी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि एचएएल से समन्वय बनाकर इस काम को प्राथमिकता पर कराया जाए। संभवत: यह अस्थायी अस्पताल अवध शिल्पग्राम में बनाया जाएगा। योगी ने लखनऊ सहित सभी जिलों में कोविड बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक अस्पताल में न्यूनतम 36 घंटे का आक्सीजन बैकअप होना चाहिए।

अधिकृत निजी लैब से कराएं आरटीपीसीआर जांच

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि पूरे प्रदेश में आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए सरकारी और अधिकृत निजी प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता से काम करें। जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा अधिकृत निजी प्रयोगशालाओं के माध्यम से भी आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जाएं। सरकारी स्तर पर एकत्र सैंपल भी निजी प्रयोगशालाओं में भेजे जा सकते हैं। क्वालिटी कंट्रोल पर जिला प्रशासन को नजर रखनी होगी।

निजी मेडिकल कॉलेजों को सरकार देगी आक्सीजन

बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि आक्सीजन सिलेंडर की कमी के चलते कुछ निजी मेडिकल कॉलेज आइसीयू बेड उपलब्ध नहीं करा पा रहे। ऐसे मेडिकल कॉलेजों को सरकार आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएगी। डीजी मेडिकल एजुकेशन इस व्यवस्था को देखेंगे। इसके साथ ही योगी ने जोर दिया है कि आक्सीजन सहित रेमडेसिविर व अन्य दवाओं की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कारपोरेशन के कार्यों की गहन निगरानी की जाए।

साप्ताहिक बंदी में पचास फीसद क्षमता से चलेगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा है कि साप्ताहिक बंदी के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति यथावत जारी रहेगी। जिन औद्योगिक इकाइयों की साप्ताहिक बंदी रविवार को निर्धारित है, उन्हें छोड़कर शेष इकाइयां चलती रहेंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट 50 फीसद क्षमता के साथ चलेगा। वैवाहिक कार्यक्रम कोविड प्रोटोकॉल अौर हाल ही में जारी गाइडलाइन के पालन के साथ हो सकेंगे। अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति होगी। वहीं, एनडीए आदि परीक्षाओं के अभ्यर्थीगण और परीक्षा आयोजन से जुड़े लोग परिचय-पत्र, प्रवेश-पत्र आदि दिखाकर जा सकेंगे।

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