यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dengue Prevention: यूपी में डेंगू से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी, मरीज मिलने पर 60 घरों में की जाएगी स्क्रीनिंग
Dengue In UP उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बारिश में जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की संभावना ...और पढ़ें

UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। डेंगू (Dengue) से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (UP Medical and Health Department) ने कमर कस ली है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMO) को मंगलवार को दिशा-निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में डेंगू का एक मरीज मिलने पर आसपास 60 घरों में स्क्रीनिंग की जाए। डेंगू के लक्षण के आधार पर पहले कार्ड जांच कराई जाए और फिर डेंगू की एलाइजा जांच कराई जाए।
एंटीलार्वा का करें छिड़काव
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बारिश के बाद जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाए और फागिंग की व्यवस्था की जाए। जिन क्षेत्रों में खाली प्लाट पर पानी भरने के कारण मच्छर पनप रहे हों, उस प्लाट मालिक को नोटिस जारी कर उसकी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
अस्पतालों में बनाएं विशेष वार्ड
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी अस्पतालों में 10-10 बेड के डेंगू वार्ड बनाने के भी निर्देश दिए। मरीजों को हर हाल में मच्छरदानी में ही रखा जाए ताकि दूसरे अन्य रोगियों को डेंगू से बचाया जा सके। अस्पतालों में दवाओं व डेंगू के भी बेहतर इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने के कारण होता है। इसमें तेज बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं।
सीएम जारी कर चुके हैं निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बारिश से मलेरिया, डेंगू, काला जार और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका रहती है। इसको लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। प्रदेश में चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान को अंतर विभागीय समन्वय से धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। संचारी रोगों पर प्रभावी रोकथाम के लिए सभी मेडिकल कालेजों, जिला अस्पतालों में डेंगू और आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएं।
