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यूपी में 'भूजल सप्ताह' का आगाज, स्वतंत्र देव सिंह बोले- हर रोज एक लोटा पानी जरूर बचाएं

Published: Fri, 17 Jul 2026 08:01 AM (IST)

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लखनऊ में भूजल सप्ताह का शुभारंभ किया, जिसमें जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।

तस्वीर- फाइल।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसे संरक्षित करने की आवश्यकता है। प्रदेश में सिंचाई, पेयजल और अधिकांश उद्योग भूजल पर निर्भर है। अगर जल नहीं होगा तो विकास, जीवन की रफ्तार थम जाएगी। इसलिए प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

प्रदेश सरकार वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्य कर रही है लेकिन बिना जन सहयोग के भूजल के स्तर बनाये रखने की चुनौती पर विजय नहीं पायी जा सकती है।

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को 22 जुलाई तक चलने वाले भूजल सप्ताह का लोहिया पार्क एम्फीथिएटर में शुभारम्भ करते हुए यह बातें कही।

इस वर्ष का स्लोगन-जल संरक्षण का करें संकल्प-इसका नहीं है कोई विकल्प, को याद कराते हुए मंत्री ने कहा कि ‘जल संचय जनभागीदारी: कैच द रेन-2026’ अभियान सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रहे, इसे जनांदोलन बनाया जाए। वर्षा जल की प्रत्येक बूंद बचाने, अनावश्यक भूजल दोहन रोकने, प्रतिदिन एक लोटा पानी बचाने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने का संकल्प दिलाया।

अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव ने यहां मौजूद विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं की जल संरक्षण के प्रति जागरूकता की सराहना करते हुए भूजल के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया। इससे पहले जल आर्ट गैलरी का शुभारम्भ किया गया।

डॉ. श्रेया ने जल-एन्थम पढ़ा। नुक्कड़ नाटक,जल गीत के माध्यम से जल संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया गया। भूजल सप्ताह के दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी संस्थानों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के जरिये भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्भरण, चित्रकला, वाद-विवाद, जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे। भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डा. राजेश कुमार प्रजापति ने जल संरक्षण की शपथ दिला।

ऑनलाइन भूजल क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को ‘स्कूल आफ जलवीर सम्मान’ प्रदान किया गया। शुक्रवार को सुबह 10 बजे से एक बजे तक लखनऊ के हरिहरपुर, शहीद पथ स्थित भूजल भवन (एस.जी.डब्ल्यू.आई.सी.) में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, अभियंताओं, चिकित्सकों और अन्य विशेषज्ञों के साथ संवाद आयोजित किया जाएगा। 3 बजे से 5 बजे तक करम सेफ्टी इंडस्ट्री, सरोजनी नगर में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ जल संरक्षण तकनीकों पर विचार-विमर्श।

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