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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद विधेयक को मिली मंजूरी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 23 Jun 2015 09:37 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 23 Jun 2015 09:39 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने लगभग तीन महीने तक परीक्षण करने के बाद आखिरकार संतुष्ट होने के बाद ...और पढ़ें

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने लगभग तीन महीने तक परीक्षण करने के बाद आखिरकार संतुष्ट होने के बाद 'जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश विधेयक 2015Ó को मंजूरी दे दी।

इस निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पारित विधेयक के संबंध में राज्यपाल ने अपने संवैधानिक दायित्व को निभाते हुए मुख्यमंत्री से चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी जिसे सरकार ने मई के अंतिम सप्ताह में उपलब्ध करा दिया गया था। राजभवन के प्रवक्ता बताया कि राज्यपाल ने सप्रमाण यह जानना चाहा था कि क्या 10 करोड़ रुपये की स्थायी विन्यास निधि की स्थापना / व्यवस्था कर ली गई है? क्या विश्वविद्यालय के लिए चिह्नित 40 एकड़ परस्पर जुड़ी हुई भूमि एवं उसके समुचित स्वामित्व का विश्वविद्यालय के नाम हस्तान्तरण करने के लिए ट्रस्ट ने व्यवस्था कर ली है? विश्वविद्यालय को दी जाने वाली भूमि के कम से कम 24000 वर्ग मीटर कारपेट एरिया पर भवन निर्माण कर लिया गया है? क्या विश्वविद्यालय केप्रशासन व संचालन के लिए परिनियम और अध्यादेश का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है तथा श्री जगदीश जनकल्याण एजूकेशनल ट्रस्ट, शिकोहाबाद, फीरोजाबाद लाभ रहित के ट्रस्ट डीड की प्रति उपलब्ध कराने की अपेक्षा की थी? सरकार से संतोषजनक उत्तर मिलने पर राज्यपाल ने विधेयक को अनुमति प्रदान कर दी है।

ध्यान रहे, राज्यपाल के समक्ष अभी कई विधेयक लंबित हैं जिनमें सैफई में मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना के अलावा महापौरों व नगरीय निकायों के निर्वाचित अध्यक्षों के अधिकारों से जुड़े विधेयक भी शामिल हैं।