लखनऊ, जेएनएन। प्रदेश सरकार शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की एसआइटी जांच कराने जा रही है। इसके लिए दोनों वक्फ बोर्ड के खिलाफ शिकायतों को एकत्र किया जा रहा है। यह निर्णय सीबीआइ जांच कराने में विफल रहने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने लिया है। साथ ही सरकार दोनों वक्फ बोर्ड के आदेशों की समीक्षा करेगी। सरकार इनका विशेष ऑडिट भी कराएगी।

जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड पर घोटाले का आरोप लगाकर सीबीआइ जांच की घोषणा की गई थी लेकिन, सरकार आज तक दोनों वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों को आरोप पत्र तक नहीं दे सकी। विभाग के अफसर एक साल तक दोनों बोर्ड के चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस की फाइल को इधर से उधर घुमाते रहे। इसके बाद सरकार ने सेंट्रल वक्फ काउंसिल से दोनों वक्फ बोर्ड पर लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट मंगाई। शुरुआत में सरकार ने बगैर कागजी कार्यवाही पूरी किए शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के कई सदस्यों को हटा दिया था। बाद में ये सदस्य हाईकोर्ट गए जहां से उन्हें राहत मिल गई।

सीबीआइ जांच करा पाने में विफल रहने के बाद अब विभाग इन आरोपों की एसआइटी जांच कराने की तैयारी कर रही है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने एसआइटी जांच को मंजूरी दे दी है। जल्द ही दोनों बोर्ड के खिलाफ आई शिकायतों को एकत्र कर एसआइटी जांच के लिए भेजा जाएगा।

 

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