लखनऊ [अजय श्रीवास्तव]। महिलाओं की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से चली सेफ सिटी परियोजना अब लखनऊ की झोली में आ गई है। 194.55 करोड़ की इस परियोजना में केंद्र 40 और राज्य सरकार 60 प्रतिशत राशि खर्च करेगी। केंद्र सरकार ने अपने अंश का 62.89 करोड़ जारी भी कर दिया है।

इस योजना से वैसे तो लखनऊ के हर नागरिक को सुरक्षा मिलेगी, लेकिन महिलाओं का खास ध्यान रखा जाएगा। महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए महिलापुलिसकर्मी भी सुविधाओं से लैस होंगी। इसके तहत सौ ङ्क्षपक स्कूटर और 11 एसयूवी वाहन से वह महिलाओं के साथ छेडख़ानी और लूट करने वालों पर नजर रखेंगी। 74 ङ्क्षपक टॉयलेट बनेंगे, जिनकी कमान भी महिलाओं के हाथ होगी।

महिलाओं के लिए 2830 असुरक्षित जगह चिह्न्ति

शहर में 2830 ऐसी जगहें चिह्न्ति की गई हैं, जहां रोड लाइट है या उसकी रोशनी कम है। इन जगहों से महिलाओं का आवागमन रहता है। शाम बाद अंधेरा होने से महिलाओं के साथ अपराध होने की आशंका बढ़ जाती है। बसों में सीसीटीवी और पैनिक बजट भी होंगे, जो आपके लिए मददगार बनेंगे।

सभी विभागों के लिए समय-सीमा तय

लखनऊ सेफ सिटी परियोजना को अमल में लाने के लिए सोलह अक्टूबर को केंद्रीय गृह सचिव ने समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने योजना के तहत पुलिस, परिवहन, नगर निगम समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ लखनऊ में सुरक्षा के लिए होने वाले कार्यो का खाका भी तैयार किया था। हर विभाग के लिए काम करने की समय सीमा भी तय कर दी गई है।

इन उपायों से बढ़ेगी सुरक्षा

  • सौ पिंक आउट पोस्ट का निर्माण राजकीय निर्माण निगम कराएगा
  • सौ पिंक स्कूटर (पेट्रोल) और 11 पिंक एसयूवी अपर पुलिस मुख्यालय खरीदेगा
  • 74 पिंक टॉयलेट बनेंगे। इनका संचालन भी महिलाएं ही करेंगी। यह कार्य नगर निगम करेगा
  • 2820 जगहों पर रोड लाइट लगाई जाएंगी, जो नगर निगम करेगा
  • 29 महिला पुलिस कियॉस्क बनाए जाएंगे। नगर निगम या पुलिस विभाग में किसी को इसके निर्माण का जिम्मा होगा
  • बसों में वीटीएस, सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन भी लगाए जाएंगे।

Posted By: Divyansh Rastogi

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