यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाराबंकी में एचडीएफ बैंक से हटाया गया सरकारी खाता, इफ्तारी और नमाज की फोटो हुई थी वायरल
बाराबंकी स्थित एचडीएफसी बैंक से अब सरकारी योजनाओं का खाता हटा लिया गया है। खाता बदले जाने का कारण योजनाओं ...और पढ़ें

बाराबंकी, संवादसूत्र। पैसार स्थित एचडीएफसी बैंक में अभी हाल में ही रोजा इफ्तार और नमाज करते हुए फोटो वायरल हुई थी। इस बैंक से अब सरकारी खाता हटा लिया गया है। करोड़ों के इस खाता हटने से बैंक काफी पीछे चला जाएगा। हालांकि खाता बदले जाने का कारण लापरवाही बरतना बताया जा रहा है। बता दें कि कुछ दिनों पहले पैसार स्थित एचडीएफसी बैंक में नमाज और रोजा इफ्तार के वीडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो और फोटो में में नमाज पढ़ते और इफ्तारी करते लोग दिख रहे थे। बताया जाता है कि बैंक का काम समाप्त होने के बाद वहां के प्रबंधक जहीर अब्बास आदि ने इफ्तारी का आयोजन किया था, जिसमें नगर के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए थे।
नगर विकास अभिकरण डूडा की ओर से संचालित योजना जिला नगरीय गरीबी उन्मूलन का लगभग 20 करोड़ से अधिक का खाता पैसार स्थित एचडीएफसी बैंक में संचालित हो रहा था। इस खाता में निर्माण संबंधी पैसा आता है। खाते का संचालन डीएम, सीडीओ और पीओ डूडा के संयुक्त से होता है। अब यह बैंक खाता एचडीएफसी बैंक में नहीं संचालित होगा। यहां से खाते का संचालन हटाकर जिला पंचायत शाखा में संचालित बैंक आफ इंडिया में खोल दिया गया है। परियोजना अधिकारी सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि एचडीएफसी से निर्माण संबंधी खाता हटा लिया गया है, अब दूसरी बैंक में संचालित होगा।
बैंक से नहीं मिल रहा पटरी दुकानदारों को ऋण : प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में शामिल पीएम स्वनिधि योजना एचडीएफसी बैंक में फेल होती नजर आ रही थी। इसको लेकर 19 अप्रैल को सीडीओ एकता सिंह और पीओ डूडा सौरभ त्रिपाठी ने निरीक्षण किया था। यहां पाया था कि 44 पटरी दुकानदारों के आवेदनों को एक माह पहले ही स्वीकृत कर दिया था, लेकिन ऋण न देना पड़े इसलिए पत्रावलियां दबाए बैठे थे। सीडीओ के निरीक्षण के बाद कुछ पटरी दुकानदारों को ऋण दिया, यह प्रगति बहुत ही खराब थी। खाता का संचालन न करने का कारण यह भी है।
