लखनऊ में जुटेंगे दुनिया भर के वैज्ञानिक, नदी और विरासत संरक्षण पर होगी गहन चर्चा
लखनऊ में 7-8 दिसंबर को नदी सभ्यताओं, पुरातात्विक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा।

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HighLights
लखनऊ में 7-8 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा।
नदी सभ्यताओं और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर चर्चा।
देश-विदेश के विशेषज्ञ शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नदी सभ्यताओं, पुरातात्विक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर लखनऊ में सात और आठ दिसंबर को दुनिया भर के वैज्ञानिक जुटेंगे।
रिवराइन सिविलाइजेशंस एंड कंजर्वेशन : यूपी एंड एडजेसेंट एरियाज (नदी सभ्यताएं और संरक्षण : उत्तर प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्र) विषय पर होने वाले सम्मेलन के लिए शोध पत्र भी प्रस्तुत किये जाएंगे। शोध-पत्र 30 अक्टूबर तक जमा किये जा सकेंगे।
राज्य पुरातत्व निदेशालय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में यह सम्मेलन विश्वविद्यालय के वास्तुकला एवं नियोजन संकाय के विश्वेश्वरैया हाल में होगा। इसमें नदी, विरासत, पर्यावरण और विकास से जुड़े विषयों पर देश-विदेश के विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
गंगा, यमुना, गोमती, घाघरा और बेतवा जैसी नदियों के किनारे विकसित पुरातात्विक स्थलों, ऐतिहासिक नगरों, तीर्थों और सांस्कृतिक केंद्रों के संरक्षण पर विचार होगा। नदी संरक्षण, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रबंधन, आपदा से बचाव, समुदाय और अन्य संबंधित लोगों की भागीदारी तथा जल व्यवस्था से जुड़ी नीति भी चर्चा का विषय होगा।
