बाराबंकी, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में बच्चियों व महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते दिन हाथरस की मासूम के साथ हुई दरिंदगी के बाद मौत की घटना की आंच ठंडी पड़ी ही नहीं थी कि बाराबंकी में एक बेटी के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। एक साल तक पिता अपनी ही बेटी का शारीरिक शोषण करता रहा, जिससे किशोरी सात माह की गर्भवती हो गई। बिन मां की किशोरी ने मामले की जानकारी अपनी बुआ को दी। बुआ के साथ थाने पहुंची पीड़िता ने पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। गंभीर हालत में किशोरी को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया, लेकिन नवजात की मौत हो गई।

ये है पूरा मामला

मामला फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां के निवासी आपराधिक प्रवृत्ति का एक व्यक्ति अपनी 16 वर्ष की पुत्री का एक साल तक लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। पुत्री किसी से शिकायत न करे इसके लिए आरोपित उसे डराता-धमकाता और जान से मार देने की धमकी देता था। इस दौरान किशोरी गर्भवती हो गई। यह मामला 24 सितंबर को तब सामने आया जब किशोरी के भाई के निकाह समारोह था। नातेदार व रिश्तेदार घर आए हुए थे। काफी काम व मेहनत के कारण किशोरी के पेट में तेज दर्द होने लगी। सीतापुर निवासी किशोरी की बुआ को उसने बताया और अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी। भाई की करतूत से क्षुब्ध किशोरी की बुआ उसे लेकर अपने साथ घर ले गई। जहां पूरा मामला समझने के बाद 29 सितंबर को फतेहपुर कोतवाली पहुंची। जहां पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर उसके पिता पर मुकदमा दर्ज किया। वहीं, मामला जानकारी में आने के बाद से आरोपित फरार है।

सीएचसी से हुई थी रेफर

पुलिस ने बताया कि किशोरी जब मुकदमा दर्ज कराने आई थी तो उसकी हालत ठीक नहीं थी। इस कारण उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया, हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुधवार को किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया, पर उसकी मृत्यु हो गई।

क्या कहती है पुलिस? 

एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी के मुताबिक, आरोपित की तलाश चल रही है। नवजात का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और नवजात के शव का पीएम कराया जा रहा है। आरोपित पर डकैती व हमले जैसे कई मुकदमे भी दर्ज हैं।

 

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