अमेठी, संवाद सूत्र। जलाली बलापुर ग्राम पंचायत में श्रमिक कार्ड बनाने के नाम पर उनके खातों से लाखों रुपये उड़ाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। अभी तक किसी पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ है। साइबर ठगों की ठगी का शिकार हुए मजदूर अपने पैसे निकाले जाने को लेकर काफी परेशान हैं।

यह है मामला: बीते 13 अक्टूबर को लैपटाप व फिंगर मशीन लेकर बाइक से दो युवक प्रधान प्रतिनिधि के पास पहुंचे। उनसे यह कहकर कि श्रमिकों का श्रमिक कार्ड बनना है। उन्हें प्राथमिक विद्यालय बलापुर पर इकठ्ठा होना है। इतना ही नहीं कैंप में आने वाले श्रमिकों के आधार व मोबाइल नंबर की सूची बनाने के लिए सहाबगढ़ की आशा बहू उर्मिला को भी वहां बुला लिया। प्रधान प्रतिनिधि तनबीर आलम उर्फ शेरू ने श्रमिकों को सूचित कर दिया। फिर क्या था कार्ड बनने व खातों में एक हजार रुपये आने की बात जानकर मजदूरों की भीड़ उमड़ पड़ी। पीड़ित उदयराज यादव की मानें तो वह भी अपनी पत्नी संतोषा को लेकर पहुंचा। उसका आधार व मोबाइल नंबर लेकर फिंगर प्रिंट ली। उससे बताया कि जैसे ही उसका डेटा आनलाइन होगा। उसके खाते में एक हजार रुपये आ जाएंगे। एक घंटा बाद खाते पर रुपये आने का नहीं। बल्कि 3080 रुपये हस्तांतरण का संदेश उसे मिला तो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। इतना ही नहीं उसकी पत्नी संतोषा के खाते से 10 हजार रुपये निकलने का संदेश आया। उसने तुरंत प्रधान प्रतिनिधि से इसकी शिकायत की। उसने पीड़ित से कहीं और इसकी शिकायत न करने को कहते हुए पैसा वापस करने की बात कही। आशा से फोन पर हुई बातचीत के अनुसार ग्राम पंचायत के बलापुर व जलाली गांव के 46 लोगों का आनलाइन फार्म भरा गया था। इनमें से जिनके बैंक खातों में धन था। उनका 10-10 हजार निकल गया।

यह हुए शिकार: गांव के रामकुमार, फुलमता, किरसन, जगदेव, तिलका, मोहना, उदयराज व संतोषा समेत अन्य कई श्रमिकों के खातों से 10-10 हजार रुपये निकल गए।

इनकी सुनिए: प्रधान प्रतिनिधि तनबीर आलम उर्फ शेरू बताते हैं कि दो युवकों ने उन्हें श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए कहा था। वह समझ नहीं पाए और मजदूरों को बुला दिया। वह जिन मजदूरों के पैसे निकल गए हैं। उन्हें वापस करने को कह रहे हैं। आशा बहू उर्मिला पहले तो जिम्मेदारी से मुकरती रहीं, किंतु बाद में मौके पर रहना स्वीकार किया।

मामले की हो रही जांच: थानाध्यक्ष निर्मल सिंह बताते हैं कि उक्त साइबर ठगी के शिकार लोगों ने तहरीर दी है। मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है। जांच की जा रही है। जल्द ही मुकदमा पंजीकृत कर ठगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिम्मेदारों को उन सभी खातों के स्टेटमेंट लाने को कहा गया है। जल्द ही जालसाजी करने वाले पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

Edited By: Rafiya Naz