हरदोई, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के हरदोई में मंगलवार को हुई संदिग्ध मौत में हत्या का आरोप लगा रहे ग्रामीणों ने बुधवार की शाम बवाल कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद गांव पहुंचे शव को अतरौली- माल मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। थाना पुलिस पहुंची तो उनके ऊपर पथराव कर दिया। जिसमें  थाना प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा।

ये है पूरा मामला 

मामला अतरौली थानाक्षेत्र के नरियाखेड़ा का है। यहां के निवासी अशोक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। मंगलवार को उसका शव बकवा गांव के पास एक पेड़ से लटकता मिला था। परिवारजन हत्या का आरोप लगा रहे थे, लेकिन पुलिस आत्म हत्या बता रही थी। पुलिस के अनुसार, बुधवार को पोस्टमॉर्टम में भी आत्महत्या की पुष्टि हुई। शाम को परिवारजन शव लेकर गांव गए। गांव के सामने ही अतरौली माल मार्ग पर शव को रखकर जाम लगा दिया। कुछ ही दूरी पर पुलिस पिकेट मौजूद थी। पुलिस कर्मियों ने समझाया लेकिन वह नहीं माने। शव रखकर जाम की सूचना पर थाना प्रभारी एसके तिवारी मौके पर पहुंचे, पुलिस ने जैसे ही शव को उठाने की बात कही, ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस फोर्स पर पथराव कर दिया। 

थाना प्रभारी ने बताया कि पथराव में उनके साथ ही उपनिरीक्षक महेंद्र प्रसाद, सिपाही जय प्रकाश और महिला सिपाही वीना घायल हो गई। अन्य फोर्स भी आ गई। ग्रामीणों को खदेड़ा। सीओ संडीला भी मौके पर पहुंचे, देर शाम पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि आत्महत्या को हत्या में दर्ज कराने को लेकर बवाल किया। पुलिस फोर्स पर पथराव किया। इस मामले में 10 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस सभी के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप