जागरण संवाददाता, लखनऊ। पुणे के रहे वाले सिद्धार्थ अपने एक रिश्तेदार के घर समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ आए थे। वहां जाने से पहले एयरपोर्ट पर उतरने के बाद एक नामी दुकान से एक किलो मिठाई खरीदी। रिश्तेदार ने डिब्बा लेने के बाद सबसे पहले सिद्दार्थ को ही मिठाई खिलाने के लिये डिब्बा खोला तो देखकर आवक राह गए। डिब्बे में बंद मिठाई में कई जगह पर फफूंद लगी थी। मेहमानों के आगे सिद्दार्थ को शर्मिंदा होना पड़ा। इसी तरह कही आप भी गड़बड़ मिठाई खरीदकर शर्मिंदा नही या बासी मिठाई खाकर तबीयत नही बिगड़े इसके लिए अब बासी मिठाई बेचने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।

दरअसल अब तक मिठाई पर जुर्माना केवल उसी दशा में लगता था जब तक मिठाई की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से नही आती थी। अगर रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली तो विभाग की तरफ से जुर्माना लगाया जाता था। मगर अब जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके मुताबिक अब दुकानदार को मिठाई बेचेते समय इस बात का खयाल रखना होगा कि जो भी मिठाई दुकान पर बिक्री के लिए उपलब्ध है उन पर उसकी निर्माण की तिथि और कब तक इस्तेमाल की जा सकती है यह भी अनिवार्य रुप से दर्ज करना होगा। अब तक विभाग की तरफ से दुकानदार को मिठाई पर इस्तेमाल की अवधि लिखनी थी मगर इसको अनिवार्य नही किया गया था। साथ ही जुर्माना लगने की बात भी नही थी। अभिहित अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि जुर्माना इसलिये अनिवार्य किया जा रहा है ताकि कोई भी पुरानी मिठाई ग्राहक को नही बेच सके। जो भी मिठाई दुकान पर होगी उसके इस्तेमाल की डेट भी दर्ज करनी होगी।

Edited By: Rafiya Naz