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भ्रष्टाचार पर चला योगी का हंटर! पांच अधिकारी व कर्मचारी पर गिरी गाज, आय से अधिक संपत्ति की भी होगी जांच

उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचारी सरकारी कर्मचारियों के प्रति सख्त नजर आ रही है। प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में गलत तरीके से जमीन हड़पने के मामले में पांच अधिकारी व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच के निर्देश दिए हैं।

By Anand Mishra Edited By: Shivam Yadav Thu, 11 Jul 2024 01:41 AM (IST)
फिरोजाबाद में गलत तरीके से जमीन हड़पने के मामले में पांच अधिकारी व कर्मचारी निलंबित।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भ्रष्टाचार में लिप्त और पद का दुरुपयोग करने वाले सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों पर फिर एक बार शासन के स्तर से सख्त कार्रवाई की गई है। 

फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज तहसील में गलत तरीके से भूमि विक्रय करने, संदिग्ध रूप से अपने करीबियों को जमीन दिलाने के मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए सरकार ने यहां उप जिलाधिकारी, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और पेशकार को सस्पेंड कर दिया है। 

जांच के लिए गठित कमेटी की अनुशंसा के बाद यह कार्रवाई की गई है। शासन की ओर से डीएम को इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ एफआईआर कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

वहीं, प्रदेश सरकार के सतर्कता विभाग की ओर से इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।

यह है पूरा मामला

फिरोजाबाद के उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत ने सिरसागंज तहसील में तैनाती के दौरान जून-2024 में ग्राम रुधैनी की जमीन से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए अवर न्यायालय द्वारा पारित आदेश को खारिज कर संदिग्ध रूप से आदेश पारित किया था। 

आदेश के महज पांच दिन के अंदर अनियमित तरीके से पद का दुरुपयोग करते हुए भूमि अपने गृह जिले के निवासियों व अन्य सगे संबंधियों को दिला दी गई। इस मामले में प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाते हुए शासन ने विवेक राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। 

इसी प्रकार, प्रभारी तहसीलदार नवीन कुमार पर भी पद का दुरुपयोग कर राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन हड़पने एवं सरकारी सेवक आचरण नियमावली के उल्लंघन पर राजस्व परिषद ने कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। 

लेखपाल अभिलाष सिंह को भी जमीन हड़पने व फसल बर्बादी के संबंध में की गई शिकायत की जांच में दोषी पाए जाने पर उपजिलाधिकारी द्वारा निलंबित किया गया और विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ एफआईआर के भी निर्देश दिए गए हैं। 

सतर्कता विभाग की ओर से उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत, नायब तहसीलदार नवीन कुमार, राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह, लेखपाल अभिलाष सिंह और उपजिलाधिकारी के रीडर प्रमोद शाक्य की आय से अधिक संपत्ति की जांच के निर्देश दिए गए हैं। 

वहीं, शासन की ओर से इन सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ विधिक कार्रवाई (एफआईआर) किए जाने की संस्तुति की गई है।

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