लखनऊ, जेएनएन। शहर को साफ-सुथरा रखने को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब नगर निगम प्रशासन सख्ती के मूड में आ गया है। सफाई महकमे का बजट बिना काम के हजम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार किया गया है। इसी क्रम में शनिवार को अलीगंज से जुड़े तीन वार्डों के निरीक्षण के लिए निकले नगर आयुक्त डा. इंद्रमणि त्रिपाठी को जगह-जगह गंदगी मिली। 

विवेकानंदपुरी वार्ड, अलीगंज और बेगम हजरत महल वार्ड के निरीक्षण में यहां तैनात कर्मचारियों में से काफी कम ही मौके पर काम करते मिले। इन वार्डों में कुल 350 कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन निरीक्षण में सुबह आठ बजे से नौ बजे के बीच मात्र पचास कर्मचारी ही काम करते मिले। साफ है कि शेष कर्मचारियों के मानदेय में बड़ा खेल चल रहा था। 

पचास कर्मचारी ही मिले उपस्थित

नगर आयुक्त ने सफाई निरीक्षक मनोज पाल को अपनी गाड़ी पर बैठाकर ही मौके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की गिनती कराई तो इनकी संख्या तीन सौ कम मिली। इसके अलावा इन तीनों वार्डों में सफाई व्यवस्था भी खराब थी। इसके बाद नगर आयुक्त ने सफाई निरीक्षक मनोज पाल को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।  बेगम हजरत महल वार्ड में तैनात सफाई सुपरवाइजर नंदू और विवेकानंद पुरी वार्ड में तैनात सफाई सुपरवाइजर राम लखन को भी निलंबित कर दिया गया है। 

वर्कशॉप के दोनों फोरमैन भी निलंबित

नगर निगम के वाहनों की मरम्मत करने वाले आरआर विभाग के फोरमैन ललित मिश्र और रामराज को भी निलंबित कर दिया गया है। ललित मिश्र के पास बड़े वाहनों की मरम्मत का जिम्मा तो रामराज के पास छोटे वाहनों की जिम्मेदारी थी, लेकिन दोनों फोरमैन सफाई कार्य में लगे वाहनों की लंबे समय से मरम्मत नहीं करा रहे थे और गाडिय़ां वर्कशॉप में ही खड़ी मिलीं। इस कारण शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।  

तेल चोरी पर सख्ती के बाद 24 चालक भागे 

सफाई और फॉगिंग में लगे वाहनों से बड़े पैमाने पर तेल चोरी हो रही थी। पिछले दिनों संविदा पर तैनात चालक को पुलिसवालों ने ही पॉलीटेक्निक चौराहे के पास तेल चोरी करते पकड़ा और उसे गिरफ्तार किया गया था। वाहनों से तेल चोरी रोकने पर सख्ती के कारण 24 चालक नौकरी छोड़कर भाग खड़े हुए। यह चालक कूड़ा उठाने के बजाय तेल चोरी करते थे और इसका बंटवारा आरआर विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच होता था। तेल चोरी करने वाले चालक हर दिन फोरमैन को भी पांच सौ रुपये देते थे। नगर आयुक्त ने बताया कि तेल चोरी रोकने की दिशा में कड़े निर्णय लिए गए तो 24 चालक भाग खड़े हुए हैं। अब नए चालकों को संविदा पर रखा जाएगा। 

चालकों का मानदेय होगा दस हजार रुपये

नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम के चालकों को अभी तक 7500 रुपये हर माह मानदेय दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब दस हजार रुपये कर दिया जाएगा। इसका निर्णय एक-दो दिन में ले लिया जाएगा और बाद में उसे नगर निगम की कार्यकारिणी के समक्ष अनुमोदन के लिए लाया जाएगा। 

30 का महीना, भर दिया 31 अप्रैल तक का मस्टररोल

करीब पचास करोड़ के सालाना सफाई ठेके में बड़ा खेल चल रहा है। वैसे तो अप्रैल का महीना तीस दिन का है, लेकिन 26 अप्रैल को ही नगर निगम के जोन आठ में तैनात सफाई निरीक्षक विजय शंकर शुक्ला और राजेश कुमार झा ने 31 अप्रैल तक की उपस्थिति मस्टर रोल पर दिखा दी थी। अब दोनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गलत रिपोर्ट देने वाले जोनल अधिकारियों से लेकर सफाई निरीक्षक के खिलाफ तक कार्रवाई की जाएगी। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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