अयोध्या में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में लगी आग के बाद अखिलेश यादव का पोस्ट, बोले- प्रशासन की कमी
Fire in Ayodhya: पैसे बचाने के चक्कर में विशेषज्ञों की देखरेख के बिना ही ये आयोजन हुआ।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
HighLights
अखिलेश यादव ने आग लगने की घटना का ठीकरा यज्ञ प्रबंधन और जिला प्रशासन पर फोड़ा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने एक्स पर किया पोस्ट
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राम नगरी अयोध्या में शनिवार को दोपहर में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में आग लग गई। 20 मार्च से चल रहे यज्ञ में शनिवार को अंतिम आहुति डाली जानी थी, लेकिन दोपहर में इसमें भीषण आग लग गई।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आग लगने की घटना का ठीकरा यज्ञ प्रबंधन और जिला प्रशासन पर फोड़ा है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगजनी को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे। इस बात की जांच हो कि इस यज्ञ की व्यवस्था के पीछे जो आर्थिक और मानवीय स्रोत लगे थे, उनके पीछे कौन था।
जनता में फैली ये बात बेहद निंदनीय है कि इस यज्ञ के नाम पर मंत्री जी से संबंधित विभाग से विभागीय स्तर पर बड़ी वसूली हुई और पैसे बचाने के चक्कर में विशेषज्ञों की देखरेख के बिना ही ये आयोजन हुआ।
गौरतलब है कि सरयू नदी के राजघाट पर आयोजित हो रहे श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ में शनिवार की दोपहर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलने के कुछ देर बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे व एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
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इस महायज्ञ का आयोजन बक्सर के प्रसिद्ध संत जियर स्वामी की ओर से संपन्न कराया जा रहा था। महायज्ञ का संयोजन प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह कर रहे हैं। महायज्ञ में आहुतियां डालने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी एकत्रित रहे। अब आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 28, 2026
इस बात की जाँच हो कि इस यज्ञ की व्यवस्था के पीछे जो आर्थिक और मानवीय स्रोत लगे थे, उनके पीछे कौन था। जनता में फैली ये बात बेहद निंदनीय है कि इस यज्ञ के नाम पर मंत्री जी से संबंधित… pic.twitter.com/EcbEJnxk9Y
