यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Fire in Institute Of Cardiology Kanpur: कानपुर के हृदय रोग संस्थान में आग लगने की घटना का CM ने लिया संज्ञान, जांच करेगी उच्च सत्रीय कमेटी
Fire in LPS Institute Of Cardiology Kanpur मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के हृदय रोग संस्थान में आग के कारण ...और पढ़ें

लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर के दौरे पर हैं। रविवार को भी प्रात:काल की दिनचर्या के बाद जनता दरबार में लोगों की समस्या सुनने के दौरान ही उन्होंने कानपुर के हृदय रोग संस्थान में आग लगने से दुर्घटना में दो लोगों की मौत पर शोक जताने के साथ इस घटना की उच्चस्तरीय जांच का आदेश भी दिया है। उन्होंने आग के कारण दुर्घटना में घायलों का समुचित इलाज कराने का निर्देश देने के साथ ही संस्थान में शीघ्र ही चिकित्सा सेवा भी शुरु कराने का भी निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के हृदय रोग संस्थान में आग के कारण हुई दुर्घटना को तत्काल संज्ञान में लेते हुए वहां पर जिला प्रशासन से सभी घायलों को समुचित इलाज कराने तथा इस संबंध में तथ्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिया है। इसके साथ ही साथ उन्होंने आग लगने के कारण की जांच करने के लिए उच्च स्तरीय समिति भी गठित की है। इस समिति को आग के कारण दुर्घटना तथा दुर्घटना के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस समिति में डीजी फायर सर्विस के साथ आयुक्त कानपुर मंडल और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा हैं। यह टीम कानपुर में तत्काल मौके पर जाकर संपूर्ण तथ्यों की जांच करेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जैसे पूर्व में सभी अस्पतालों में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए थे पर पुन: से सभी अस्पतालों में जांच करा ली जाए ताकि इस तरह की दुर्घटना प्रदेश में कहीं अन्य अस्पताल में न हो।
गौरतलब है कि रविवार की सुबह कानपुर के लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान के क्रिटिकल केयर यूनिट के स्टोर में शार्ट सॢकट से आग लग गई। इसके बाद पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। हृदय रोग संस्थान की सेंट्रल एयरकंडिशनर बिल्डिंग में धुआं भरने से चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन वहां के कर्मचारियों ने शीशा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। धुएं की वजह से दो बुजुर्ग मरीजों की दम घुटने से मौत हो गई। मरीजों को हृदय रोग संस्थान की नई ओपीडी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। गंभीर मरीजों को हैलट अस्पताल के वार्ड-तीन में शिफ्ट कराया गया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरबी कमल ने मौत की पुष्टि की है।