यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कुछ घंटों की बारिश में राजधानी का हाल बेहाल, सीढ़ी से निकाले गए बस के यात्री
बस में फंसे लोग चीख-पुकार मचाने लगे जिसे सुनकर आसपास के लोग मदद को आगे आए और बस में फंसे लोगों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला।

लखनऊ (जागरण संवाददाता)। नगर निगम और अन्य जिम्मेदार विभागों की लापरवाही का खामियाजा पहली बारिश में शनिवार को शहर के लोगों को भुगतना पड़ा। सबसे बड़ी घटना डालीगंज पुल के नीचे हुई। जहां यात्रियों से भरी सरकारी बस पुल के नीचे हुए जलभराव में डूब गई। बस में फंसे यात्रियों को लोगों ने सीढ़ी की मदद से खिड़कियों से निकाला।
इस बीच बस में फंसे लोग चीख-पुकार मचाने लगे। जिसे सुनकर आसपास के लोग मदद को आगे आए और बस में फंसे लोगों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। महिलाएं डर के मारे कांपती नजर आईं। बस के फंस जाने और लोगों को निकालने की जद्दोजहद के चलते इस मार्ग पर काफी लम्बा जाम लग गया।
मौसम विभाग के अनुसार मानूसन पूरी तरह से सक्रिय है और बारिश का यह सिलसिला अगले तीन-चार दिन जारी रहेगा। शनिवार को राजधानी में 24.9 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। सुल्तानपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक 34, बस्ती 19.4, गाजीपुर, 28.0, कानपुर 27.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से लखनऊ में तापमान सामान्य के मुकाबले एक डिग्री नीचे आ गया। यहां अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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वातावरण में नमी 97 फीसद रही। इस बीच कुछ अशुभ समाचार भी मिले। सोनभद्र जिले में बारिश के बीच बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से छह से अधिक लोग झुलस गए। दूसरी ओर आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र के मुरारपुर गांव में शाम तेज आंधी के चलते मंडई ढह गई। मंडई में सो रही चनरी देवी की मौत हो गई।
