लखनऊ [अजय श्रीवास्तव]। दीपावली आते ही चीन के उत्पाद का बहिष्कार और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों का उपयोग न करने की नसीहत दी जाती रही है। अभियान चलते हैं मगर, इस बार मैदान में सरकार भी उतरी है। संकल्प लेकर कि प्लास्टिक फ्री दीपावली मनाएंगे। तैयारी भी इसके लिए व्यापक है। प्रदेशभर में जागरूकता का महाभियान चलेगा। 11 सितंबर से स्वच्छता ही सेवा अभियान के जरिए प्लास्टिक का नाश करने की मुहिम छिड़ेगी। सरकार का प्रयास है, तीन चरणों में चलने वाले अभियान की गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे। 

ऐसे चलेगा महाअभियान 

केंद्र सरकार के आवासन और शहरी मंत्रालय की तरफ से 26 अगस्त को मिले निर्देश के बाद नगर निगम ने भी तैयारियां चालू कर दी हैं। अभियान का द्वितीय चरण गांधी जयंती पर दो अक्टूबर से चालू होगा। प्लास्टिक के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा होगा। तीसरे चरण में तीन अक्टूबर  से 27 अक्टूबर तक प्लास्टिक फ्री दीवाली मनाई जाएगी। 

  • प्रथम चरण : 11 सितंबर से एक अक्टूबर तक कार्यक्रम की तैयारी और जागरूकता। 
  • द्वितीय चरण : दो अक्टूबर से बड़े पैमाने पर श्रमदान कराना।  
  • तृतीय चरण : तीन अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक प्लास्टिकï ïफ्री दिवाली मनाने के लिए रीसाइकिल करना और डिस्पोजल करना 

ऐसे होगी निगरानी 

  • कार्यक्रमों की फोटो व वीडियो 
  • श्रमदान में कितने लोग शामिल हुए
  • कितना प्लास्टिकï एकत्र हुआ
  • कितना प्लास्टिकï वेस्ट रीसाइकिल हुआ
  • सिंगल प्लास्टिकï बैन करने की स्थिति 

अक्टूबर में यह-यह होगा 

  • स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों और युवाओं को जोड़ते हुए जागरूकता।
  • निकायों द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रह और अलग करने के लिए स्थानों का चयन और कूड़े के संग्रहण करने के लिए ट्र्रांसपोर्टेशन योजना बनाना।
  • प्लास्टिक कचरे के संग्रह और निपटान की तैयारी। 
  • विशेष रूप से रेलवे पटरियों और राष्ट्रीय राजमार्गों से कचरे का संग्रहण करना।
  • प्लास्टिक बैग की जगह बड़े पैमाने पर जूट, कपड़े के बैग का उत्पादन करने को प्रेरित करना।

02 अक्टूबर 

  • प्लास्टिक अपशिष्ट मुक्त भारत की शपथ सिंगल प्लास्टिक उपयोग पर प्रतिबंध की घोषणा।  
  • प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रह ड्राइव चलाना।
  • कूड़े की छंटाई का अभियान चलाना।  
  • तीन से सात अक्टूबर को वार्डों से कूड़े को कलेक्शन हब में ले जाना।
  • आठ से दस अक्टूबर को रीसाइकिलबल और नॉन रीसाइकबल कूड़े को अलग करना।  
  • 11-27 अक्टूबर कूड़े को रीसाइकिलिंग और निपटान के लिए इंडस्ट्री में ले जाना।

यह भी करना होगा 

  • सार्वजनिक कार्यक्रम व त्योहार में एकल प्लास्टिक वस्तुओं कटलरी पानी की बोतल रैपर कंटेनर पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करना।
  • सार्वजनिक कार्यक्रम, त्योहार में प्लास्टिक के कंटेनर, बर्तन का वैकल्पिक विकल्प देना, बर्तन भंडार, झोला भंडार बनाना और उसके लिए प्रोत्साहित करना।

Posted By: Divyansh Rastogi

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