लखनऊ, जागरण संवाददाता। गुडंबा इलाके के बहादुरपुर यूनिटी सिटी कालोनी में रहने वाले बहादुर फौजी ईमान सिंह ओली के परिवार पर दो दिन पहले दबंगों ने हमला बोला। हमले के दौरान पूरे परिवार को घर में घुसकर पीटा। कई दिन बीतने के बाद भी गुंडबा पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उधर, हमलावार परिवार को धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने सीएम योगी से न्याय की गुहार की लगाई है। फैजी ईमान सिंह ओली अपनी बहादुरी के लिए 2021 में चाइना के साथ हुई भारतीय सैनिकों कि झड़प में गलवान के बलवान सम्मान से पुरस्कृत किये जा चुके हैं। 

फौजी ईमान सिंह के साले राकेश ने बताया कि वह मायापुरी कालोनी के रहने वाले हैं। उनके बहनोई ईमान सिंह की तैनाती इन दिनों हैदराबाद में है। बहनोई का परिवार बहादुरपुर यूनिटी सिटी कालोनी में रहता है। रविवार को वह बहन के घर गए थे। रात करीब नौ बजे घर से बाहर निकले। पड़ोस में भांजे का प्लाट है। प्लाट में चारो ओर से बाउंड्रीवाल है। वह प्लाट में लघुशंका कर रहे थे। इस बीच कुछ दूर बैठे गुड्डू सिंह, सोनू सिंह, प्रशांत उपाध्याय समेत चार से पांच अन्य लोग पहुंचे। उन्होंने रोका और गाली-गलौज करने लगे।

लघुशंका करने का विरोध किया। यह देख उनसे हाथ जोड़कर गलती भी अपनी मानी और माफी देने को कहा। इसके बाद भी उक्त लोगों ने एक न सुनी उन्होंने लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया। बचाव में घर के अंदर भागा तो उक्त लोग वहां भी घुस आए। बहन और परिवारजन बचाने दौड़े तो उन पर भी हमला बोल दिया। बहन के बाल पकड़कर कई तमाचे मारे। इसके बाद धमकाते हुए भाग निकले। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस पहुंची इसके बाद थाने गए। थाने में तहरीर दी पर पुलिस ने हमलावरों पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस मामला टाल रही है। इसके बाद सीएम पोर्टल पर शिकायत कर न्याय की गुहार की। इंस्पेक्टर गुडंबा कुलदीप सिंह गौर ने बताया कि दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। राकेश और उनके परिवार के बयान दर्ज हो चुके हैं। मोहल्ले वालों और आरोपित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। आरोपितपक्ष का कहना है कि महिलाएं घर के बाहर बैठी थीं उस समय राकेश लघुशंका कर रहे थे। इसका विरोध करने पर गाली-गलौज कर मारपीट की थी।

Edited By: Vikas Mishra