यूपी में पौधारोपण महाभियान में कार्बन क्रेडिट से जुड़ेंगे किसान, 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने 35 करोड़ पौधरोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें किसानों को कार्बन ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. अरूण कुमार सक्सेना ने बुधवार को वन मुख्यालय में विभागीय योजनाओं और प्रगति की समीक्षा करते हुए 35 करोड़ पौधरोपण अभियान की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण महाभियान में किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। किसानों को कार्बन फाइनेंसिंग और पौधारोपण से होने वाले लाभों की जानकारी देकर उनकी सहमति से कृषि भूमि पर स्थानीय जलवायु व मृदा के अनुरूप जामुन, महुआ, आंवला, चिरौंजी जैसी प्रजातियों तथा तालाबों के किनारे छायादार व फलदार पौधों का रोपण कराया जाए।
मंत्री ने पौधशालाओं में 52.46 करोड़ पौधों की उपलब्धता पर संतोष जताते हुए प्रभागीय वनाधिकारियों और वन संरक्षकों को जिला प्रशासन व अन्य विभागों से समन्वय कर सभी तैयारियां समय से कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 27 हजार ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल आयोजित कर जनसहभागिता बढ़ाई गई है तथा किसानों को कार्बन क्रेडिट की धनराशि वितरित करने जैसी अभिनव पहल की गई है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 12 रामसर साइट घोषित हो चुकी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने अन्य अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड चिह्नित कर उन्हें रामसर साइट घोषित कराने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
वन एवं वन्यजीव सुरक्षा के लिए “वन बल आधुनिकीकरण” नई योजना के तहत जल्द डीपीआर तैयार कराने को कहा गया। मानव-वन्यजीव संघर्ष के तहत मेरठ, महराजगंज, चित्रकूट और पीलीभीत में बन रहे चार वन्यजीव रेस्क्यू सेंटरों का कार्य शीघ्र पूरा कराने और जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अवैध कटान और अवैध खनन पर जीरो टालरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार की शिथिलता गंभीरता से ली जाएगी। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित होने वाले वृहद कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमूरी, सचिव बी. चंद्रकला, मनीष मित्तल समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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