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लखनऊ में नकली दवाओं पर ब्रांडेड कंपनियों का रैपर लगाकर बेचा गया, उत्तराखंड तक पहुंचा तार 

Published: Sat, 25 Jul 2026 08:15 AM (IST)

लखनऊ में ब्रांडेड रैपर लगाकर बेची जा रही नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी जांच उत्तराखंड में अवैध फैक्ट्री ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. लखनऊ में नकली दवाओं पर ब्रांडेड रैपर मिले।

  2. जांच से देहरादून में अवैध दवा फैक्ट्री का खुलासा।

  3. मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गिरफ्तार।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। अगर ब्रांडेड दवाओं का रैपर लगाकर नकली दवाएं बेची जाएं तो फिर विश्वास किस पर किया जााएगा। बीमार लोगों के लिए संजीवनी कहलाने वाली दर्जनों दवाएं मिलावटखोरी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।

यूपी पुलिस ने गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की मदद से उत्तराखंड में छापेमारी की तो क्लेवैक्टम-625, राजो-डी कैप्सूल सहित कई चर्चित दवा ब्रांडों सिप्ला, डा. रेड्डी, इंटास, ल्यूपिन एवं इल्डर समेत कई प्रमुख कंपनियों की नकली पैकिंग और उनके नाम से छपे मास्टर कार्टन और एल्युमिनियम फायल मिले।

गौरव त्यागी, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विपिन भटनागर और विनय चंद को नामजद किया गया है। राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा तथा विनय चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

लखनऊ के अमीनाबाद में बरामद नकली फ्लोजेन दवा के सैंपल से शुरू हुई जांच ने आखिरकार टीम को देहरादून में संचालित अवैध दवा निर्माण फैक्ट्री तक पहुंचा दिया। 19 जुलाई को थाना अमीनाबाद, लखनऊ में 43 प्रकार की नकली दवाएं बरामद हुई थीं।

शुरुआती जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एफएसडीए मुख्यालय ने विशेष प्रवर्तन टीम गठित की। टीम ने मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन का विश्लेषण करते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह का मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद में मौजूद है।

इसके बाद एफएसडीए की विशेष टीम ने क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के सहयोग से उसे 22 जुलाई को केडब्ल्यू माल, राजनगर एक्सटेंशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डा. रोशन जैकब ने बताया कि अमीनाबाद में हुई कार्रवाई के दौरान बरामद फ्लोजेन एए दवा जांच में नकली मिली थी।

इसी बीच गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा के मोबाइल की डिजिटल जांच में फ्लोजेन ब्रांड की नकली स्ट्रिप्स की तस्वीरें, पैकेजिंग से जुड़े दस्तावेज और मशीनों से संबंधित व्हाट्सएप चैट मिली। साक्ष्यों ने स्पष्ट कर दिया कि लखनऊ में बरामद नकली दवा और देहरादून में संचालित अवैध फैक्ट्री एक ही अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं।

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इसी सुराग के आधार पर संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित परिसर में छापा मारा। यहां एक कमरे में आधुनिक अलू-अलू पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई वोल्टेज स्टेबलाइजर, बड़ी मात्रा में सेमीफिनिश टैबलेट और कैप्सूल, प्रिंटेड एल्युमिनियम फायल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद किए गए। यहां बिना किसी वैध लाइसेंस के नकली दवाओं का निर्माण कर उन्हें प्रसिद्ध कंपनियों की पैकेजिंग में भरकर बाजार में भेजने की तैयारी थी।