लखनऊ [शो‍भित मिश्र]। घटनाक्रम देखिए। एक हत्या और लूट हुई लखनऊ में, एक बैंक डकैती हुई गोंडा में। पुलिस ने तफ्तीश की और कहा कि दोनों घटनाओं के पीछे मास्टरमाइंड एक ही व्यक्ति है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया। एसटीएफ ने भी दोनों घटनाओं का राजफाश करते हुए कहा कि दोनों घटनाएं वाकई एक ही व्यक्ति ने अंजाम दी हैं, लेकिन अपराधी वह नहीं है जिसे लखनऊ पुलिस ने पकड़ा है। असली आरोपित को तो एसटीएफ ने पकड़ा है। यही है कहानी का ट्विस्ट। दो घटनाएं, दो कातिल और एक ही विभाग की दो शाखाओं के अलग-अलग दावे। आइजी रेंज एसके भगत ने एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी के साथ एसटीएफ व गोंडा पुलिस से भी इस पूरे मामले की सप्ताहभर में रिपोर्ट मांगी है।

विभूतिखंड थाना क्षेत्र में गैस एजेंसी के कैशियर श्याम सिंह हत्याकांड और गोंडा बैंक डकैती मामले में पुलिस के बाद अब एसटीएफ के अलग खुलासे से एक ही विभाग की दोनों ¨वग सवालों के घेरे में है। लखनऊ पुलिस ने श्याम सिंह हत्या और लूटकांड का राजफाश कर सीसी फुटेज समेत तमाम सुबूत दिखाकर राजस्थान अलवर निवासी सतवीरा को मास्टरमाइंड बताया था। गोंडा बैंक डकैती और वहीं के गार्ड की हत्या मामले में तत्कालीन एसपी उमेश कुमार सिंह ने लखनऊ आकर सतवीरा की पहचान भी की थी। उन्होंने दावा किया था कि सतवीरा ने ही गोंडा के साथ लखनऊ में श्याम सिंह हत्याकांड को अंजाम दिया। वहीं एसटीएफ ने गोंडा बैंक डकैती और श्याम सिंह हत्याकांड में बावरिया गिरोह के विजय सिंह उर्फ बिजवा को गिरफ्तार करके उसे ही दोनों वारदातों को मास्टरमाइंड बताया।

दोनों वारदातों के अलग-अलग राजफाश को लेकर एसटीएफ और जिला पुलिस के अधिकारी अपने-अपने तर्क पेश कर रहे हैं। श्याम सिंह मामले के तत्कालीन इंस्पेक्टर और विवेचक का तबादला हो चुका है और अब संबंधितकेस की विवेचना इंस्पेक्टर विभूतिखंड राजीव द्विवेदी कर रहे हैं। श्याम सिंह हत्याकांड के बाद विभूतिखंड पुलिस ने राजस्थान के अलवर निवासी जिस सतवीरा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, गोंडा के पूर्व एसपी उमेश कुमार सिंह ने सतवीरा को गोंडा बैंक डकैती का भी मास्टरमाइंड बताया था। हालांकि उमेश सिंह हाल ही में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने फोन पर अपनी बात को पुष्ट किया। पुलिस की इस थ्योरी पर उस वक्त सवाल उठने लगे जब पिछले सप्ताह ही गोंडा बैंक डकैती के मास्टरमाइंड बिजवा को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर प्रेस नोट जारी कर दिया। उधर एसटीएफ के अधिकारियों ने दावा किया है कि बिजवा ने पूछताछ में बताया कि 2017 में गोंडा के इलाहाबाद बैंक में हुई 50 लाख की डकैती और गार्ड की हत्या की वारदात को उसने अंजाम दिया था। बिजवा ने लखनऊ के चर्चित श्याम सिंह हत्याकांड समेत अन्य वारदातों को अंजाम देने की बात भी स्वीकार की।

इस संबंध में श्याम सिंह की पत्नी भावना सिंह से बात की गई। उनका कहना है कि वह शुरू से ही राजधानी पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अफसरों ने अपनी कुर्सियां बचाने के लिए जल्दबाजी में सतवीरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सतवीरा के साथ उसके तीन साथियों के वारदात में शामिल होने की बात कही जा रही थी, लेकिन कुर्सियां बचते ही इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

सतवीरा के तीन साथियों पर इनाम घोषित

भावाना सिंह ने बताया पति श्याम सिंह की तेरहवीं के बाद से कोई पुलिसवाला उनके घर झांकने तक नहीं पहुंचा। उधर, इंस्पेक्टर विभूतिखंड का कहना है कि वारदात में शामिल सतवीरा के जो तीन साथी फरार हैं, उन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है, तलाश की जा रही है।

घटना-29 अक्टूबर 2018, घटनास्थल-विभूतिखंड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने, क्राइम नंबर-704/18, कुल पर्चे काटे-30

क्या कहते हैं जिम्मेदार 

कैशियर श्याम सिंह की हुई थी हत्या

एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि नोएडा से बिजवा की गिरफ्तारी की गई है। उसके दो साथियों की अभी तलाश की जा रही है। बिजवा ने ही गोंडा बैंक डकैती कांड की वारदात को अंजाम दिया था। हमने इस संबंध में प्रेस नोट भी जारी किया है। साथ ही उसने लखनऊ सहित कई अन्य जिलों में भी वारदातों को स्वीकार किया है।

एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने कहा कि श्याम सिंह हत्याकांड में जेल भेजे गए सतवीरा की सीसी फुटेज से पहचान की गई थी। घटना में प्रयुक्त उसके कपड़े तक बरामद किए गए थे। साथ ही सर्विलांस सेल ने उसकी लोकेशन भी घटनास्थल पर टेस की थी। हम लोगों ने एकदम सही खुलासा किया है।

 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Anurag Gupta

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप