लखनऊ, जेएनएन। गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुकीं आनंदी बेन पटेल ने सोमवार को राजभवन के गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश की दूसरी महिला राज्यपाल के रूप में शपथ ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर ने उनको पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण समारोह में निवर्तमान गवर्नर राम नाईक के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा भी मौजूद थे।

गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता आनंदीबेन ने सोमवार को राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वह प्रदेश की 34वीं राज्यपाल तथा उत्तर प्रदेश का गठन होने के बाद 25वीं राज्यपाल हैं। इससे पहले लगभग सोमवार सुबह 10 बजे आनंदीबेन के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अफसरों ने उनका स्वागत किया। उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। आनंदीबेन ने राजभवन परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के करीब मौलश्री का पौधा रोपा। अन्नपूर्णा कक्ष में स्वल्पाहार के दौरान वह अतिथियों से मिलीं। 

उत्तर प्रदेश की 34वीं गवर्नर 

70 साल पहले सरोजिनी नायडू यूपी की पहली महिला गवर्नर बनी थीं। अब यूपी को दूसरी महिला राज्यपाल के रूप में आनंदीबेन पटेल मिली हैं। जिस समय सरोजिनी नायडू ने शपथ ली थी, उस वक्त उत्तर प्रदेश का नाम यूनाइटेड प्राविंस था। स्वतंत्रता सेनानी सरोजनी नायडू 15 अगस्त 1947 को प्रदेश की राज्यपाल बनीं। वह इस पद पर 2 मार्च 1949 तक रहीं। उनके बाद अब आनंदीबेन पटेल को महिला राज्यपाल बनने का गौरव मिला है। यूपी में अब तक 33 राज्यपाल हुए हैं। आनंदीबेन पटेल 34 वीं राज्यपाल हैं।

यूनाइटेड प्राविंस के समय में सर हरकोर्ट बटलर, सर विलियम एस. मैरिस, सर अलेक्जेंडर फिलिप्स, सर विलियम मैकहोम हैली, सर हैरी ग्राहम हैग, सर मार्स गैमियर हैलेट और सर फ्रांसिस वेमर ये सभी आजादी के पूर्व तक राज्यपाल रहे। आजादी के बाद सरोजिनी नायडू और जस्टिस बीबी मलिक यूनाइटेड प्राविंस के राज्यपाल बने थे। 

यूनाइटेड प्राविंस से नाम बदलकर उत्तर प्रदेश होने पर एचपी मोदी, कन्हैया लाल मणिकलाल मुंशी, वीवी गिरी, डा. बी.रामकृष्ण राव, विश्वनाथ दास, डा.बीजी रेड्डी, जस्टिस शशिकांत वर्मा, अकबर अली खान, डा.एम.चेन्ना रेड्डी, जीडी तपासे, सीपीएन सिंह, मोहम्मद उस्मान आरिफ, बी.सत्यनारायण रेड्डी, मोती लाल वोरा, मोहम्मद शफी कुरैशी, रोमेश भंडारी, सूरजभान, विष्णुकांत शास्त्री, सुदर्शन अग्रवाल, टीवी राजेश्वर, बीएल जोशी व अजीज कुरैशी यहां के राज्यपाल बने। राम नाईक उत्तर प्रदेश के 33वें राज्यपाल थे।

गुजरात से यूपी का खास नाता 

उत्तर प्रदेश का गुजरात से खास नाता है। आजादी के बाद यूपी नाम होने पर यहां के पहले राज्यपाल केएम मुंशी का भी गुजरात से नाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात से हैं और यूपी के वाराणसी से सांसद हैं। इस तरह आंनदीबेन पटेल के राज्यपाल पद नियुक्त होने से गुजरात से यूपी का रिश्ता और गहरा हो गया है। 

2017 में आनंदीबेन ने चुनाव लडऩे से मना कर दिया था। इसके बाद वह 2018 में मध्य प्रदेश में राज्यपाल नियुक्त हुईं। उन्हें छत्तीसगढ़ राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।

आनंदीबेन पटेल

आनंदीबेन पटेल (जन्म: 21 नवम्बर 1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो मध्य प्रदेश की राज्यपाल तथा गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। 1998 से गुजरात की विधायक बनी थी। 1987 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और गुजरात सरकार में सड़क और भवन निर्माण, राजस्व, शहरी विकास और शहरी आवास, आपदा प्रबंधन और वित्त आदि महत्वपूर्ण विभागों की काबीना मंत्री का दायित्व निभा चुकी हैं। 2014 के शीर्ष 100 प्रभावशाली भारतीयों में उन्हें सूचीबद्ध किया गया है। गुजरात की राजनीति में 'लौह महिला' के रूप में जानी जाती हैं। जनवरी 2017 में मध्यप्रदेश की राज्यपाल नियुक्त हुई थी।

राम नाईक ने अतिरिक्त समय देने के लिए दिया आनंदीबेन पटेल को धन्यवाद

राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त सप्ताह देने के लिए राम नाईक ने आनंदीबेन पटेल को धन्यवाद दिया। राम नाईक ने आज राजभवन में आनंदीबेन पटेल का स्वागत किया। इससे पहले उन्हें राज्यपाल के रूप में एक अतिरिक्त सप्ताह का बोनस देने के लिए धन्यवाद दिया। रविवार के ग्राउंडब्रेकिंग समारोह के दौरान एक हल्के-फुल्के पल में, नाइक ने कहा कि उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए आनंदीबेन पटेल को धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गवर्नर के रूप में मेरा कार्यकाल 22 जुलाई को समाप्त हो रहा था, चूंकि वह सोमवार को आ रही हैं। इसी कारण मुझे गवर्नर के रूप में काम करने का एक अतिरिक्त सप्ताह मिला। नाइक ने यह भी बताया कि पटेल के स्वागत के लिए वापस आकर उन्होंने नियम तोड़ा है। राज्यपाल आमतौर पर राजभवन छोड़ते हैं जब तक उनके उत्तराधिकारी शपथ लेने नहीं आते। जब मैंने इस परंपरा के बारे में सुना, तो मैंने उससे सवाल किया। जब कोई राष्ट्रपति शपथ लेता है, तो पूर्ववर्ती द्वारा राष्ट्रपति भवन में उसका स्वागत किया जाता है और फिर दोनों शपथ ग्रहण समारोह के लिए संसद में एक साथ ड्राइव करते हैं। मैंने भी स्वागत करने के लिए वापस रहने का फैसला किया। 

पुत्री अनार पटेल पहुंचीं लखनऊ

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आगमन से एक दिन पहले रविवार को आनंदीबेन की बेटी अनार पटेल लखनऊ पहुंच गईं। इसी के साथ राजभवन अधिकारियों को नए निर्देश भी जारी हो गए। बताया गया कि शिष्टाचार भेंट के दौरान लोगों से उपहार स्वरूप मिलने वाली पुस्तकों व खाद्य वस्तुओं को राज्यपाल राजभवन से अनाथालय, वृद्धाश्रम और मलिन बस्तियों के बच्चों को भेजेंगी। उन्होंने पुष्प गुच्छ दिए जाने की परंपरा को खत्म करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैैं।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Dharmendra Pandey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप