यूपी में EOW ने गिरफ्तार किए 20 आर्थिक अपराधी, ऑपरेशन शिकंजा के तहत सात दिनों में हुई बड़ी कार्रवाई
EOW ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत सात दिनों में 20 आर्थिक अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें वीडीओ भर्ती घोटाले के ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने प्रदेश भर में ऑपरेशन शिकंजा अभियान चलाकर वर्षों से फरार चल रहे 20 आर्थिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। नौ से 15 मार्च तक चलाए गए इस अभियान के तहत ईओडब्ल्यू की आठ टीमों ने विभिन्न जिलों में छापेमारी कर वीडीओ भर्ती घोटाले सहित अन्य मामलों में वांछित आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान वर्ष 2018 के बहुचर्चित वीडीओ भर्ती घोटाले में भी बड़ी कार्रवाई की गई। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा ग्राम विकास अधिकारी, समाज कल्याण पर्यवेक्षक और ग्राम पंचायत अधिकारी के 1953 पदों पर कराई गई भर्ती में धांधली की शिकायतों की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई थी।
जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद दर्ज मुकदमे में विशेष अभियान के तहत पवन कुमार, विनोद कुमार मौर्य, राकेश, देवेंद्र कुमार और दीपक को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक कुल 35 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इसी तरह मुजफ्फरनगर-शामली विद्युत नलकूप घोटाले में भी पांच आरोपितों को पकड़ा गया। वर्ष 2006-07 में विद्युत वितरण मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी जनप्रतिनिधि पत्रों का उपयोग कर लक्ष्य से अतिरिक्त लगभग 200 निजी नलकूप ऊर्जीकृत कर दिए, जिससे उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को करीब 1.39 करोड़ रुपये की राजस्व हानि हुई। इस मामले में अखिल श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद, समय सिंह, महेश चंद्र गुप्ता और अशोक कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।
वहीं कानपुर नगर के महाराजपुर स्थित बैंक आफ इंडिया शाखा में करीब 1.41 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भी कार्रवाई हुई। बैंक के कर्मचारियों के पासवर्ड का दुरुपयोग कर खाताधारकों के खातों से फर्जी निकासी करने के आरोप में अनुज कुमार शर्मा, हितेश कुमार शर्मा और आशुतोष ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान अन्य मामलों में निरहू, जगदीश प्रसाद गुप्ता, आशीष शुक्ला, सुरेंद्रपाल सिंह, राजीव पुरवार, अजीत सिंह और नावेद हसन को भी गिरफ्तार किया गया।
