लखनऊ, राज्य ब्यूरो। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में अस्थाई कनेक्शन में मिली अनियमितताओं को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ऐसे सभी कनेक्शनों की जांच कराए जाने के साथ ही वितरण खंडों की टेक्निकल आडिट कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता सेवाओं में कमियों की मिल रही शिकायतों पर मंत्री ने अफसरों को हिदायत देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि ही हमारे लिए सर्वोपरि है। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी डिस्काम के कार्यकलापों की समीक्षा करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के हित में सभी वितरण खंडों की टेक्निकल आडिट कराई जाए। डिवीजन की तकनीकी ऑडिट में डेटा क्लीङ्क्षनग आदि पर ठीक से काम हो। स्टाप बिङ्क्षलग जैसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डेटा ठीक किया जाए।  मंत्री ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज को निर्देश दिए कि अस्थाई कनेक्शन देने में अनियमितताओं की मिल रही शिकायतों को देखते हुए उनकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें। ऐसे कनेक्शन नियमानुसार स्थाई किए जाएं।

समय पर बिल न दिए जाने की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कारपोरेशन अध्यक्ष को निर्देश दिए कि सही बिल-समय पर बिल उपभोक्ता को मिले ताकि समय से उसका भुगतान उपभोक्ता कर सकें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हित में बिङ्क्षलग एजेंसियों से किए गए करार का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही पर एजेंसी व डिस्काम की जवाबदेही तय हो। मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही पर कार्रवाई की जाए और डिस्काम की भी जवाबदेही तय हो। मंत्री ने कहा कि अब 15 दिसंबर तक लागू एकमुश्त समाधान योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता ले सकें इसके लिए योजना का प्रचार-प्रसार किया जाए।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि अक्सर गलत बिल मिलने की शिकायत आ रही है। इससे उपभोक्ता परेशान हो रहा है। उपभोक्ता सही बिल मिलने पर समय पर अपना भुगतान करना चाहता है, मगर कर्मचारियों की लापरवाही से उनके पास गलत बिल पहुंच रहा है। इस कमी को शीघ्र दुरुस्त नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Edited By: Dharmendra Mishra