लखनऊ, राज्य ब्यूरो। विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 36 सीटों पर चुनाव होंगे। स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के 36 सदस्यों का कार्यकाल सात मार्च 2022 को पूरा हो रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने इन सीटों का विवरण व मतदाता सूची की जानकारी मांगी है। चूंकि इन सीटों में कार्यकाल खत्म होने से तीन महीने पहले चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में सात दिसंबर के बाद कभी भी अधिसूचना जारी हो सकती है।

सौ सीटों वाली विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों की 36 सीटें यहां राजनीतिक दलों का गणित बदल देती हैं। वर्ष 2016 में इन 36 सीटों की अधिसूचना आठ मार्च को जारी हुई थी। तीन मार्च को मतदान हुआ था। इसमें समाजवादी पार्टी ने 31 सीटें जीतकर विधान परिषद में बहुमत हासिल किया था। दो सीटों पर पर बसपा चुनाव जीती थी। रायबरेली से कांग्रेस के दिनेश प्रताप सि‍ंह जीते थे। बनारस से बृजेश कुमार सि‍ंह व गाजीपुर से विशाल सि‍ंह 'चंचल' चुने गए थे। दिनेश प्रताप सि‍ंह बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा इसमें अधिक से अधिक सीटें जीतकर विधान परिषद में बहुमत हासिल करना चाहेगी, जबकि सपा अपनी सीटें बचाने में जुटेगी। विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले इन चुनावों को जीतकर सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों ही अपनी मजबूत दावेदारी का संदेश जनता में देंगे।

इन सीटों पर होगा चुनाव

मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, बदायूं, पीलीभीत-शाहजहांपुर, हरदोई, खीरी, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्धार्थनगर, गोरखपुर-महराजगंज, देवरिया, आजमगढ़-मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, मीरजापुर-सोनभद्र, इलाहाबाद, बांदा-हमीरपुर, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फर्रुखाबाद, आगरा-फिरोजाबाद, मथुरा-एटा-मैनपुरी, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ-गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर।

(नोट-मथुरा-एटा-मैनपुरी सीट से दो सदस्य चुने जाते हैं बाकी सभी निर्वाचन क्षेत्रों से एक-एक सदस्य का चुनाव होता है।)

करीब 1.40 लाख मतदाता चुनेंगे अपना प्रतिनिधि : विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतें, जिला पंचायतें, क्षेत्र पंचायतें व छावनी बोर्ड के सदस्य मतदान करते हैं। वर्ष 2016 के चुनाव में कुल 127491 मतदाता थे। यह चुनाव 938 मतदान केंद्रों पर हुआ था। इस बार के चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 1.40 लाख है।

'विधानसभा की सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के छह माह पहले चुनाव कराया जा सकता है जबकि विधान परिषद में तीन माह पहले चुनाव कराने के नियम हैं। स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के बारे में विस्तृत जानकारी चुनाव आयोग ने मांगी थी। हमने उसे भेज दिया है। चुनाव कराने के लिए हमारी तैयारी पूरी है। चुनाव की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग को करना है।  -अजय कुमार शुक्ला, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश

Edited By: Anurag Gupta