निर्वाचन आयोग ने UP MLC Election गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र के पर्यवेक्षक को हटाया, IAS अधिकारी अभय सिंह पर लगाए गए थे गंभीर आरोप
Action of ECI: भारतीय जनता पार्टी से विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र के पर्यवेक्षक ...और पढ़ें

चुनाव के परिणाम आने से पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा एक्शन लिया

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के परिणाम आने से पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। गोरखपुर फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र के पर्यवेक्षक आईएएस अधिकारी अभय सिंह को हटाया दिया है। इसका परिणाम मंगलवार 27 अक्टूबर को घोषित होगा।
विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ। इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी से विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र के पर्यवेक्षक अभय सिंह पर गंभीर आरोप लगाकर उनको हटाने की मांग निर्वाचन आयोग से की थी।
भारत निर्वाचन आयोग ने अभय सिंह को प्रेक्षक की ड्यूटी से अवमुक्त करते हए रिजर्व में रखा है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन आयुक्त अमित सिंह ने उनके स्थान पर यूपी कैडर के ही आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को पर्यवेक्षक का कार्य सौंपा है। अब प्रकाश बिंदु मंगलवार 27 अक्टूबर को निर्धारित मतगणना के लिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपना दायित्व निभाएंगे।
माना जा रहा है कि गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की यह सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा बन चुकी है। चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक अभय सिंह पर बीजेपी MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे। देवेंद्र प्रताप सिंह ने चिट्ठी में लिखा था कि ये वो अधिकारी हैं जो खुद सीबीआई की जांच के शिकंजे में हैं।
इनके घर से भारी मात्रा में अवैध नकदी बरामद हुई है। इनको इसीलिए यहां भेजा गया है ताकि धांधली को अंजाम दिया जा सके। देवेंद्र प्रताप सिंह के जबरदस्त दबाव और चारों तरफ मचे शोर-शराबे के बाद चुनाव आयोग ने अभय सिंह को हटाया।
छह अधिकारी सस्पेंड
उत्तर प्रदेश में चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर छह अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इस सभी के खिलाफ आगरा शिक्षक निर्वाचन के री-पोल में लापरवाही पर एक्शन हुआ है। चुनाव आयोग ने इनके तत्काल निलंबन के निर्देश दिए हैं। इनमें मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई हुई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड और अन्य मतदानकर्मियों व पुलिसकर्मियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है।
