लखनऊ, जेएनएन। सआदतगंज के दरगाह हजरत अब्बास रोड पुराना चबूतरा निवासी हरिशंकर (80) की अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। वह तीन दिन से लापता था। हत्यारों ने घर के भीतर हत्या कर दरवाजे पर बाहर से ताला लगा दिया था। एसीपी बाजारखाला अनिल कुमार यादव के मुताबिक अज्ञात हत्यारों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है। अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

हरिशंकर अपनी भतीजी अंजना के मकान में रह रहे थे। एसीपी ने बताया कि शुक्रवार सुबह हरिशंकर के भाई गणेश शंकर सआदतगंज थाने अपनी बेटी अंजना के साथ आए थे। उन्होंने हरिशंकर के लापता होने की शिकायत की, जिसपर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। परिवारजन थाने से हरिशंकर की तलाश करने उनके आवास पहुंचे। ताला तोड़कर परिवारजन भीतर दाखिल हुए तो कमरे में हरिशंकर का शव पड़ा मिला। हरिशंकर के मुंह और नाक से खून बह रहा था।

21 जनवरी से बंद था ताला

पड़ोसियों ने बताया कि 21 जनवरी की सुबह हरिशंकर के कमरे के बाहर ताला लटका मिला। पूरे दिन तक लोगों ने इंतजार किया, लेकिन वह नजर नहीं आए। 22 जनवरी को पड़ोसियों ने गणेश शंकर के घर पर इसकी जानकारी दी। परिवारजन ने इधर उधर खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। गणेश शंकर ने बरेली में रहने वाली बेटी अंजना को बताया कि उसके मकान से हरिशंकर लापता हैं। शुक्रवार को अंजना लखनऊ पहुंची और थाने पर शिकायत की, जिसके बाद हत्या की जानकारी हुई।

अंजना ने खरीदा था मकान

हरिशंकर करीब 35 साल से चिनहट निवासी सुबोधिनी गुप्ता के मकान में किराए पर रहते थे। छह साल पहले अंजना ने वह मकान खरीद लिया था, तब से वह उसकी देखरेख कर रहे थे। हरिशंकर की पत्नी की 1966 में मौत हो गई थी और उनकी कोई संतान भी नहीं थी। हरिशंकर घर के बाहर परचून की दुकान चलाते थे। पुलिस का कहना है कि हरिशंकर की हत्या क्यों की गई है, इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। प्रापर्टी विवाद, रंजिश व कहासुनी समेत अन्य दिशाओं में छानबीन की जा रही है। 

Posted By: Anurag Gupta

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