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14411 छात्रों की फीस फंसी, प्रवर्तन निदेशालय जब्त करेगा फिटजी की 71.88 करोड़ की संपत्तियां

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sat, 17 Oct 2026 06:08 AM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिटजी और उसके निदेशकों के खिलाफ छात्रों की फीस के दुरुपयोग मामले में गाजियाबाद कोर्ट में अभियोजन शिकायत दर्ज की है।

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HighLights

  1. ईडी ने फिटजी और निदेशकों पर शिकायत दर्ज की।

  2. छात्रों की फीस के दुरुपयोग का आरोप है।

  3. ₹71.88 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की मांग।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। फिटजी के विद्यार्थियों से ली गई फीस के दुरुपयोग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने गुरुवार को फिटजी लिमिटेड और उसके निदेशक दिनेश कुमार गोयल व मोनिला गोयल के विरुद्ध गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ईडी ने आरोपितों को दोषी ठहराए जाने के साथ जांच के दौरान जब्त व अस्थायी रूप से अटैच की गई 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है।

जांच नोएडा, ग्रेटर नोएडा और भोपाल में दर्ज चार एफआइआर के आधार पर शुरू हुई थी। फिटजी पर आरोप है कि आइआइटी जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों से दो से चार वर्ष के कोर्स की फीस पहले ही ले ली गई। प्रति विद्यार्थी करीब 2.8 लाख से 3.5 लाख रुपये तक फीस ली गई, लेकिन शिक्षकों के वेतन का भुगतान न होने के बाद कई सेंटर अचानक बंद हो गए।

पाठ्यक्रम पूरा न करा पाने की थी जानकारी

इसके बावजूद नए विद्यार्थियों से फीस लेना जारी रखने का आरोप है। जांच में सामने आया कि मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच फिटजी ने 32 सेंटर बंद कर दिए, जिससे 14,411 नामांकित विद्यार्थी प्रभावित हुए। ईडी के मुताबिक कंपनी ने ऐसे पाठ्यक्रमों में भी विद्यार्थियों का प्रवेश लिया, जिनकी कक्षाएं मार्च 2029 तक चलनी थीं, जबकि उसे पाठ्यक्रम पूरा न करा पाने की जानकारी थी।

जांच में विद्यार्थियों से ली गई फीस से 85.79 करोड़ रुपये की राशि को अपराध से अर्जित आय के रूप में चिह्नित किया गया है। ईडी ने यह भी पाया कि दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल ने, जिनका कंपनी पर नियंत्रण था, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 24.92 करोड़ रुपये वेतन के रूप में लिए। गोयल परिवार के पास कंपनी के 86.31 प्रतिशत शेयर हैं।

आरोप है कि दोनों निदेशकों ने अन्य कर्मचारियों के वेतन लंबित रहने के बावजूद अपने वेतन को प्राथमिकता दी। जांच में दिनेश के प्रतिमाह लगभग 56 लाख रुपये और मोनिला के 25 लाख रुपये से अधिक वेतन लेने की बात सामने आई है।

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ईडी ने इससे पहले 24 अप्रैल 2025 को फिटजी के सात परिसरों पर तलाशी लेकर 10 लाख रुपये नकद और 4.86 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए थे। इसके बाद नौ अक्टूबर 2026 को 66.92 करोड़ रुपये की संपत्तियां पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से अटैच की गई थीं।