विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

इलेक्शन कमीशन ने फॉर्म-6 के जुड़े नियमों में किया बदलाव, अब मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हुआ आसान

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:59 PM (IST)

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को आसान करते हुए फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता खत्म कर दी है।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए घोषणा पत्र की अनिवार्यता खत्म।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए घोषणा पत्र की अनिवार्यता खत्म।

HighLights

  1. फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त की गई।

  2. 'कोई मतदाता न छूटे' अभियान के तहत विशेष जोर दिया जाएगा।

  3. युवा, महिला, दिव्यांग मतदाताओं को प्राथमिकता से जोड़ा जाएगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को आसान करते हुए चुनाव आयोग ने निरंतर पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र देने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब पात्र नागरिक बिना घोषणा पत्र के फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकेंगे।

प्रदेश में 'कोई मतदाता न छूटे' के उद्देश्य से छूटे हुए मतदाताओं, युवा और पहली बार वोटर बनने वाले नागरिकों के नाम सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने गुरुवार को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में ईपी रेशियो (जनसंख्या के अनुपात में मतदाताओं की संख्या) और जेंडर रेशियो (महिला-पुरुष अनुपात) में सुधार के लिए निरंतर पुनरीक्षण के दौरान विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पात्र नागरिकों को शत-प्रतिशत मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान में खासतौर पर वे युवा शामिल होंगे जो पहली बार मतदान के लिए पात्र हुए हैं। इसके साथ ही मतदाता सूची से छूटे नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगों और बेघर मतदाताओं के नाम भी प्राथमिकता से जोड़े जाएंगे।

अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का पंजीकरण कराने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और स्वास्थ्य कर्मियों सहित विभिन्न सरकारी विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा। जिला स्तर पर पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के सिटीजन सर्विस पोर्टल (voters.eci.gov.in) अथवा ईसीआइनेट मोबाइल एप के माध्यम से आनलाइन फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन भी फॉर्म-6 भरकर जरूरी अभिलेखों के साथ बीएलओ, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दिया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में सभी प्रविष्टियां सही और त्रुटिरहित भरना आवश्यक है।

यह भी पढ़ें- यूपी की 9350 पंचायतों में 10 दिन में पूरा करना होगा डिजिटल लाइब्रेरी का काम, मंत्री ओपी राजभर ने दिए निर्देश