विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज में जल्दी ही डाक्टर्स मरीजों का पूरा ब्यौरा देख सकेंगे, अभी चुनिंदा मेडिकल कालेजो में सुविधा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Tue, 21 Jun 2022 01:05 PM (IST)Updated: Tue, 21 Jun 2022 04:10 PM (IST)

E-Hospital Management System उत्तर प्रदेश के प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में अब ई हास्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। ...और पढ़ें

E-Hospital Management System : प्रदेश के प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में अब ई हास्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा
E-Hospital Management System : प्रदेश के प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में अब ई हास्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल कालेजों बनाने की योजना को लेकर आगे बढ़ रही योगी आदित्यनाथ सरकार इनको हाइटेक करेगी। सरकार ने सभी मेडिकल कालेज में ई हास्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इससे सभी जगह पर डाक्टर्स अब मरीजों का पूरा ब्यौरा आनलाइन देख सकेंगे। प्रदेश में अभी यह सुविधा सिर्फ चुनिंदा मेडिकल कालेजों में ही है।

उत्तर प्रदेश के प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में अब ई हास्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह प्रणाली चिकित्सकों के लिए बड़ी मददगार होगी। इस प्रणाली की मदद से मरीजों का पूरा ब्योरा आनलाइन उपलब्ध रहेगा। डाक्टर एक क्लिक पर उसकी पूरी केस हिस्ट्री जान सकेंगे। मरीजों की जांच व उपचार से संबंधित सभी जानकारी आनलाइन होने से आगे इलाज करने में आसानी होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग पेपरलेस व्यवस्था लागू करने पर जोर दे रही है।

प्रदेश में अभी पुराने चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल कालेजों में यह व्यवस्था लागू है। इसमें गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, झांसी, मेरठ व आगरा आदि के मेडिकल कालेज शामिल हैं। सभी मेडिकल कालेजों में यह सुविधा लागू होने से मरीजों को आसानी होगी। उन्हें एक यूनीक आइडी नंबर दिया जाएगा और इसी नंबर की मदद से डाक्टर उनका पूरा ब्योरा आनलाइन देख सकेंगे। दोबारा मरीजों को न तो पर्चा लाना होगा और न ही जांच रिपोर्ट। कई बार मरीजों की जांच रिपोर्ट खोने या पर्चा गायब होने की स्थिति में नए सिरे से उपचार शुरू करना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा, भविष्य में कभी भी वह अस्पताल उपचार कराने जाएंगे तो पहले उनकी केस हिस्ट्री क्या थी उसकी पूरी जानकारी डाक्टर हासिल कर सकेंगे।

पहले चरण में नौ मेडिकल कालेजों में इस सिस्टम को लागू करने के बाद अब दूसरे चरण में 22 मेडिकल कालेजों में इसे लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सी-डैक की ओर से हास्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। जल्द चिकित्सा शिक्षा विभाग इसे लेकर एमओयू करेगा। आगे चरणबद्ध ढंग से सभी मेडिकल कालेजों में यह सुविधा दी जाएगी।