लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौरान पुलिस अधिकारी भी काम के दबाव में हैं। झांसी में कोरोना संक्रमित पत्नी व बेटी की देखभाल के लिए छुट्टी न मिलने से आहत सीओ मनीष सोनकर ने इस्तीफा दिया तो उनके पक्ष में प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) संघ खड़ा हो गया। मंगलवार को पीपीएस संघ ने ट्वीट कर सीओ मनीष सोनकर की मानसिक प्रताड़ना के मुद्दे को उठाया और डीजीपी व अपर मुख्य सचिव, गृह से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया और एक बार फिर इंटरनेट मीडिया पर आइपीएस व पीपीएस संवर्ग के बीच अधिकारों तथा आपसी व्यवहार को लेकर चर्चा छिड़ गई। हालांकि इसी बीच डीआइजी झांसी रेंज से वार्ता के बाद सीओ ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने पूरे मामले पर कहा कि सीओ मनीष सोनकर के इस्तीफे के मामले में अभी डीजीपी मुख्यालय को कोई पत्र नहीं मिला है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीआइजी झांसी रेंज से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है। बता दें कि इंटरनेट मीडिया पर वायरल पोस्ट वर्ष 2005 बैच पीपीएस अधिकारी और वर्तमान में डिप्टी एसपी झांसी सदर मनीष सोनकर ने लिखा था कि उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित हैं व उनकी चार साल की एक बेटी भी है, जिसकी देखभाल के लिए उन्होंने छुट्टी के लिए आवेदन किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने दोबारा गुहार लगाई, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिली। इससे आहत डिप्टी एसपी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर इस्तीफा भेज दिया।

एसएसपी झांसी रोहन पी. कनय व सीओ मनीष सोनकर के बीच अवकाश को लेकर किन परिस्थतियों में मनमुटाव बढ़ा यह तो जांच का विषय है, लेकिन यह प्रकरण इंटरनेट मीडिया पर आने के बाद वरिष्ठ अधिकारी बहुत तेजी से सक्रिय हुए। एडीजी कानपुर जोन भानु भाष्कर व डीआइजी रेंज झांसी जोगेंद्र कुमार ने मामले में हस्तक्षेप किया। डीआइजी ने सीओ मनीष सोनकर ने वार्ता की और उन्हें समझाया और भावावेश में कोई कदम नहीं उठाने की सलाह दी। भरोसा दिलाया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे प्रकरण को लेकर बात करेंगे।

इसके बाद सीओ मनीष सोनकर ने फिर ट्वीट किया और कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कहा कि डीआइजी जोगेंद्र कुमार ने उनसे दूरभाष पर बात की और पत्नी व बेटी का हाल लिया। मेरी परिस्थितियों के प्रति संवेदना जताई। यह भी बताया कि उनकी एडीजी जोन कानपुर व डीजीपी से वार्ता भी हुई है और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संकट के समय उनके परिवार के साथ होने की बात कही है और उनके साथ कुछ भी गलत नहीं होगा।

सीओ मनीष सोनकर ने कहा कि मैं अपनी ओर से इस प्रकरण को बंद करना चाहता हूं और मैंने भावनागत मनोस्थिति में त्यागपत्र दिया था, उसे अस्वीकार करने के लिए उच्च अधिकारियों से निवेदन करता हूं। हालांकि इस प्रकरण के बाद अब अधिकारियों के बीच आपसी व्यवहार व खींचतान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर हो रही हैं।

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