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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोडवेज बसों में डिजिटल पेमेंट की शुरुआत लखनऊ और गाजियाबाद से, जानें- कब से लागू होगी व्यवस्था

By Vikas MishraEdited By:
Published: Thu, 25 Nov 2021 09:42 AM (IST)Updated: Thu, 25 Nov 2021 12:07 PM (IST)

परिवहन निगम की बसों में किराये के डिजिटल पेमेंट की शुरुआत लखनऊ व गाजियाबाद से होगी। रोडवेज बसों में क्रेडिट ...और पढ़ें

तीन महीने में पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ व गाजियाबाद में पूरा करने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।
तीन महीने में पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ व गाजियाबाद में पूरा करने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। परिवहन निगम की बसों में किराये के डिजिटल पेमेंट की शुरुआत लखनऊ व गाजियाबाद से जल्द होगी। रोडवेज बसों में क्रेडिट व डेबिट कार्ड के साथ यूपीआइ मोड, क्यूआर कोड व स्मार्ट कार्ड से किराये का भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए परिवहन निगम ने एजेंसी का चयन कर लिया है।परिवहन निगम ने जिस फर्म का चयन किया है, वह अपना कमांड सेंटर निगम मुख्यालय में बनाएगी। पिछले एक साल से निगम इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए प्रयास कर रहा था।

तीन महीने में पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ व गाजियाबाद में पूरा करने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। डिजिटल पेमेंट का भुगतान होने से परिवहन निगम की बसों में भी वन नेशन वन कार्ड योजना को लागू किया जाएगा। निजी फर्म एक एप भी बनाएगी, जिसमें आनलाइन पेमेंट के साथ ही बसों की समय सारिणी, बसों की उपलब्धता और बस स्टेशनों पर मिलने वाली यात्री सुविधाओं की जानकारी भी होगी। एमएसटी (मंथली सीजन टिकट) का भुगतान भी यात्री इसी एप से कर सकेंगे।

नाम पट्टिका लगाएंगे परिवहन निगम कर्मीः आरटीओ सहित परिवहन विभाग के सभी कार्यालयों में तैनात कर्मचारी अब अपने काउंटर पर नाम पट्टिका रखेंगे, जिससे आमजन को उनके बारे में पता चल सके। इन कर्मचारियों को पीछे दीवार की तरफ भी अपना नाम लिखना होगा, साथ ही पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। परिवहन आयुक्त ने अपने आदेश में कहा है कि इससे जनता को पता चल सकेगा कि वह अधिकृत कर्मचारी से ही संपर्क कर रहे हैं।