धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड: चालक रवि ने खोले राज, सुपारी देने वाले और असलहा सप्लायर का नाम बताया
पुलिस ने धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड में चालक रवि से 11 घंटे पूछताछ की है। रवि ने हत्या की सुपारी ...और पढ़ें

HighLights
चालक रवि से 11 घंटे तक 90 से अधिक सवाल पूछे गए।
रवि ने सुपारी देने वाले और असलहा सप्लायर के नाम बताए।
पुलिस को हत्या में सियासी वर्चस्व की लड़ाई का संकेत मिला।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब साजिश के मुख्य सूत्रधार तक पहुंचने में लगी है। रिमांड पर लिए गए चालक रवि से पुलिस ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की।
उससे 90 से अधिक सवाल किए गए। पूछताछ में रवि ने हत्या की सुपारी देने वाले और असलहा सप्लाई करने वाले व्यक्ति के नाम बताए हैं। उसने हत्या के बाद असलहा फेंके जाने की जगह की जानकारी भी पुलिस को दी है।
पुलिस के मुताबिक, रवि के बयानों से हत्या के पीछे सियासी और वर्चस्व की लड़ाई का संकेत मिला है। पुलिस अब उसके बताए नामों और जानकारियों का सत्यापन कर रही है। असलहा बरामद करने के लिए पुलिस की एक टीम रवि की निशानदेही पर संभावित स्थानों पर तलाश में जुटी है।
असलहा मिलने के बाद वारदात में इस्तेमाल हथियार और उसकी सप्लाई की कड़ी को लेकर अहम साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक ने बताया कि चालक रवि से लगातार पूछताछ की जा रही है।
उसने कई सवालों के ऐसे जवाब दिए हैं, जिनसे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि एक सप्ताह में हत्याकांड का पूरा राजफाश किया जा सकेगा। पूछताछ के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। रवि को मंगलवार को पुलिस ने रिमांड पर लिया था।
रिमांड से पहले उससे पूछताछ के लिए 22 सवालों की सूची तैयार की गई थी। इसमें हत्या की साजिश, वारदात में शामिल लोगों, असलहा और अन्य आरोपितों की भूमिका से जुड़े सवाल शामिल थे।
हालांकि पूछताछ के दौरान पुलिस ने 90 से अधिक सवाल किए। पुलिस को बुधवार सुबह दस बजे तक रवि को दोबारा न्यायिक हिरासत में दाखिल करना है।
इससे पहले उससे हत्या से जुड़े बाकी सवालों के जवाब लिए जा रहे हैं। इस मामले में अब तक चार आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। बीते शनिवार को धीरेंद्र प्रताप सिंह का सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। अब चालक के बयानों के आधार पर पुलिस साजिश की परतें खोलने में जुटी है।
