लखनऊ (जेएनएन)।  इस बार धनतेरस पर सामान खरीदने के शुभ मुहूर्त 1 घंटे 57 मिनट के लिए र‍हा। जो शाम 6:20 से शुरू होकर 8:17 मिनट तक रहा। इस दिन इस दिन धन के देवता भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा की गई। इस पर्व पर शहर के सभी प्रमुख बाजार गुलजार रहे और जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। नगर में जहां में सबसे महंगी कार रेंज रोवर ऑटोबाई ग्राफी मॉडल तीन करोड़ 40 लाख में खरीदी गई। वहीं, दूसरे नंबर पर 86 लाख रुपये से अधिक कीमत की मर्सिडीज बेंज कार रही। इसके अलावा गहने भी लोगों ने खूब पसंद किए। 16 लाख साठ हजार रुपये कीमत का हीरे का हार सबसे महंगा रहा।

राजधानी में कुल 2580 करोड़ का कारोबार हुआ। पहली बार बर्तन बाजार में तांबे का दबदबा दिखा। सबसे अधिक रौनक बर्तन, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल बाजार में देखने को मिली। दोपहर बाद से ही कारोबार चढ़ने लगा। शाम होते-होते बाजार की रौनक परवान चढ़ने लगी, जो रात तक कायम रही। त्योहार की खरीदारी के लिए अमीनाबाद, आलमबाग, नजीराबाद, हजरतगंज, यहियागंज, रकाबगंज, लाटूश रोड, गोमती नगर, इंदिरा नगर और चौक में लोगों का हुजूम दिखा।

नॉनब्रांडेड, ब्रांडेड, डायमंड समेत सराफा बाजार
लखनऊ चौक सराफा के आदीश जैन के मुताबिक 105 किग्रा से अधिक स्वर्णाभूषणों की बिक्री हुई। इसकी कीमत 35 करोड़ के आसपास है। वहीं 410 किग्रा एक करोड़ 64 लाख की चांदी बेची गई। लखनऊ में 16,60000 कीमत का डायमंड नेकलेस बाजार में बिका। इसकी खासियत एक लाइन सॉलीटेयर हीरे का हार है। इसमें 30 सेंट से 70 सेंट तक के कीमती हीरे लगे हैं। पिछली बार से इस बार बाजार बेहतर है। सिद्धार्थ जैन की मानें तो हल्के आइटम फंकी ज्वेलरी की खूब डिमांड रही। कारोबारियों की मानें तो नॉनब्रांडेड, ब्रांडेड, डायमंड समेत करीब 325 करोड़ रुपये का कारोबार सराफा बाजार में हुआ है। इसमें 495 किग्रा सोना और 2105 किग्रा चांदी बिकने का अनुमान है।

बर्तन बाजार रहा गुलजार
इस बार लोगों ने बर्तन भी खूब खरीदे। यहियागंज बर्तन बाजार के हरीशचंद्र अग्रवाल के मुताबिक देर रात तक एक अनुमान के मुताबिक 15 करोड़ रुपये के बर्तन की बिक्री लखनऊ बर्तन बाजार में हुई है। इसमें से दस फीसद से अधिक तांबे के बर्तन का कारोबार इस बार लखनऊ बाजार में हुआ है।

रेडीमेड-कपड़ा बाजार 175 करोड़ का 
रेडीमेड और कपड़ा बाजार में इस बार उछाल दिखा। अशोक मोतियानी ने बताया कि पिछली बार की तुलना में 15 से 20 फीसद की बढ़ोतरी है। उत्तम कपूर के मुताबिक साड़ियां, लहंगा, ब्रांडेड मेंस वियर और किड्स वियर की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ है। दोनों व्यापारियों का कहना है कि इसका कारण अकेले दीपावली पर्व ही नहीं आने वाली सहालग भी है। 

ऑटोमोबाइल सेक्टर
शहर में वाहनों की बिक्री ने इस बार करीब 1500 करोड़ की वाहन बिक्री का अनुमान है। एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह के मुताबिक आरटीओ में ऑनलाइन 3000 वाहन पंजीकृत किए गए हैं। धनतेरस मुहूर्त पर सबसे महंगी रेंज रोवर ऑटोबाईग्राफी तीन करोड़ चालीस लाख की बिकी। कंपनी की कुल आठ गाड़ियां 22 करोड़ रुपए की बाजार में आई थीं। वहीं 86 लाख रुपये की जीएसएल माडल मर्सडीज बेंज बेची गई। आरटीओ में अब तक 1841 दो पहिया व 1159 चार पहिया कारें पंजीकृत हुई हैं।

पटाखा बाजार 
इस बार देर से शुरू हुआ पटाखा कारोबार ज्यादा मुनाफे का नहीं रहा। व्यापारियों को दिक्कतें बनी रहीं। फिर भी पूरे शहर के व्यवसाय को जोड़ा जाए तो 45 करोड़ रुपये के आसपास थोक व फुटकर व्यवसाय को माना जा सकता है। 

मिष्ठान और ड्राईफ्रूट
शहर के विभिन्न किस्मों के मिष्ठान और ड्राइफ्रूट की बिक्री का बाजार करीब 175 करोड़ रुपये का है।

रियल इस्टेट रहा 150 करोड़
शहर में रियल इस्टेट का कारोबार करीब 150 करोड़ रुपये का रहा। इससे नौ करोड़ का राजस्व मिलने की सूचना है।

इलेक्ट्रॉनिक बाजार
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। डेढ़ सौ करोड़ के विभिन्न उत्पाद बाजार में बिके।

मोबाइल बाजार 45 करोड़
शहर के सभी मोबाइल बाजारों में खूब गहमागहमी रही। शाम तक खरीदारों का जमावड़ा रहा। श्रीराम टॉवर में मोबाइल कारोबारी नीरज जौहर ने बताया कि शहर में मोबाइल की करीब 600 दुकानें हैं। सभी से अच्छी सूचना व्यवसाय की मिल रही है। 45 करोड़ की बिक्री का अनुमान है।

 

Posted By: Dharmendra Pandey

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