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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ में छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या में दोषी को फांसी, चार महीने में पूरी हुई सुनवाई

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Fri, 17 Jan 2020 05:51 PM (IST)Updated: Sat, 18 Jan 2020 10:45 AM (IST)

मुंहबोले मामा ने लखनऊ के सआदतगंज में की थी हैवानियत गला दबाने के बाद हथौड़े से वार कर मार डाला था मासूम को

लखनऊ में छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या में दोषी को फांसी, चार महीने में पूरी हुई सुनवाई
लखनऊ में छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या में दोषी को फांसी, चार महीने में पूरी हुई सुनवाई

लखनऊ, (राजेश श्रीवास्तव)। दिल्ली की निर्भया के दोषियों की टलती फांसी के बीच लखनऊ में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद मिश्र ने बड़ी नजीर पेश की है। उनकी अदालत ने सआदतगंज में छह वर्षीय मासूम से दुष्कर्म और नृशंस हत्या के मामले में आरोपित मुंह बोले मामा अराफात उर्फ बबलू को महज चार महीने के भीतर फांसी की सजा सुना दी। 

दिल दहला देने वाली इस घटना में लापरवाही के तंज झेलने वाली पुलिस ने भी संवेदनशीलता दिखाई थी। महज 24 घंटे के भीतर आरोपित को गिरफ्तार किया था। जबकि सआदतगंज थाने के विवेचक इंस्पेक्टर महेश पाल सिंह ने छह दिन के भीतर जांच पूरी कर  न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 

अदालत ने आरोपित बबलू को हत्या के लिए अपहरण करने के आरोप में भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है। जघन्य वारदात के आरोपित के खिलाफ अदालत में पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी के निर्देशन में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन त्रिपाठी एवं पॉक्सो एक्ट के विशेष अधिवक्ता अभिषेक उपाध्याय ने की। इस दौरान उन्होंने 11 गवाहों को पेश कर आरोपित को उसके अंजाम तक पहुंचाया। 

यह था मामला 

15 सितंबर 2019 को शाम सवा पांच बजे मासूम घर से गायब हो गई थी।  परिजनों ने काफी तलाशा मगर कुछ पता नहीं चल पाया। घटना की जानकारी थाना सआदतगंज में दी गई। पुलिस की जांच में पता चला कि लड़की आखिरी बार मुंहबोले मामा बबलू के साथ देखी गई। पुलिस जब बबलू के घर पहुंची तो बिस्तर के नीचे से बच्ची का गला रेता हुआ शव बरामद हुआ। बबलू ने दुष्कर्म के बाद पहले उसका गला दबाया, फिर चाकुओं से वार किया और हथौड़े से कुचल डाला था। 

जज ने कहा

पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद मिश्र ने अपने फैसले में कहा, बबलू उर्फ अराफात ने छह वर्षीय पीडि़ता के साथ निर्दयता की। उसका बलात्कार किया। जघन्य तरीके से हत्या की। यह विरल से विरलतम मामले की श्रेणी में आता है। लिहाजा अभियुक्त को मृत्युदंड के लिए गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।   

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