लखनऊ, [राज्य ब्यूरो]। असफल बोवाई, फसल के दौरान प्राकृतिक आपदा से नुकसान और कटाई के बाद उपज सामान्य से कम मिलती है तो बीमा किसानों को राहत पहुंचा सकता है। आपदा में अवसर की ये बातें किसानों को समझाने के लिए एक जुलाई से फसल बीमा सप्ताह शुरू हो रहा है। हर जिले में विविध आयोजन करके योजना का प्रचार प्रसार कराने के साथ ही किसानों की शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा। प्रदेश में किसानों की तादाद 2.38 करोड़ है, जबकि फसल बीमा का लाभ महज 23 से 24 लाख किसान ही ले रहे हैं।

वहीं, खरीफ व रबी की अधिकांश फसलों को बीमा के दायरे में रखा गया है। ऋण लेने वाले या फिर अन्य किसान स्वेच्छा से अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार का विशेष जोर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर है। भारत सरकार आठ महत्वाकांक्षी जिलों के चयनित विकासखंडों में कार्यक्रम भी करा रही है, जिसमें किसान अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।

पांच किसानों को तीन लाख से अधिक क्षतिपूर्ति भुगतानः निदेशक कृषि सांख्यिकी व फसल बीमा राजेश कुमार गुप्ता कहते हैं कि फसल का बीमा होने से किसानों को लाभ होता है। 2020 खरीफ फसल में मथुरा जिले की पुष्पा को 3.52 लाख, महराजगंज के कैलाश ङ्क्षसह को 3:32 लाख, गोरखपुर की अनारकली को 3.31 लाख, बलिया के रामजी ङ्क्षसह को 3.29 लाख व मऊ के राजेंद्र चौहान को 3.01 लाख का क्षतिपूर्ति भुगतान हुआ है, जबकि इन सभी धान किसानों ने बहुत कम कृषक प्रीमियम दिया था।

Edited By: Vikas Mishra